Rajasthan: मुंबई सड़क हादसे में खत्म हुआ जालोर का परिवार, एक साथ उठीं पिता, पत्नी और बेटी की अर्थियां; पसरा सन्नाटा

Rajasthan News: मुंबई में हुए एक भीषण सड़क हादसे में जालोर (सायला) के मोडगुणा निवासी जैसाराम चौधरी और उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों की मौत हो गई. पिछले 20 सालों से वह मुंबई में रह रहे थे. परिवार के साथ हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है.

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जैसाराम चौधरी, उनकी पत्नी और बेटी पूजा
NDTV

Jalore Road Accident News: जालोर के सायला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोडगुणा गांव के लिए एक दुखद खबर सामने आई है. मुंबई में गोल्ड बिजनेस कर रहे जैसाराम चौधरी का परिवार भीषण सड़क हादसे की चपेट में आ गया. इस दर्दनाक घटना में मौके पर तीन लोगों की जान चली गई.  मुंबई में उनका परिवार तकरीबन 15 -20 सालों से रह था. परिवार के साथ हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया.

20 सालों से मुंबई में कारोबार

जैसाराम चौधरी पिछले 15-20 सालों से मुंबई में रहकर सोने का बिजनेस कर रहे थे. उनका भायंदर इलाके में न्यू रेणुजा गोल्ड नाम से ज्वेलरी शोरूम है.पूरा परिवार दुकान के पास बने घर में ही रहता था.

ट्रक ने ओवरटेक के चक्कर में मारी टक्कर 

सोमवार को जैसाराम अपने परिवार के साथ तुम्केश्व महादेव मंदिर में दर्शन के लिए गए थे. उनकी पत्नी अणसी देवी, बेटियां पूजा और सीमा और बेटा नरेश उनके साथ कार में सवार थे. जब परिवार दर्शन के बाद लौट रहा था, तो अचानक मुंबई के कल्याण इलाके के हरि इलाके के पास सामने से तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने ओवरटेक करते हुए उनकी थार को जोरदार टक्कर मार दी. जिससे बैलेंस बिगड़ गया. साथ ही, थार की ट्रक से भीषण टक्कर हो गई जिससे उसके परखच्चे उड़ गए.

मौके पर ही तीन की मौत

हादसा इतना भयानक था कि कार में सवार पांच लोगों में से तीन की मौके पर ही मौत हो गई. इनमें परिवार के मुखिया जैसाराम चौधरी, उनकी पत्नी अनसी देवी, बेटी पूजा शामिल हैं. जबकि कार में सवार बेटे नरेश और बेटी सीमा का मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां दोनों जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. वहीं, परिवार का बड़ा बेटा सुरेश उस दिन उनके साथ नहीं गया था और घर पर ही था, जिसकी वजह से वह हादसे में बच गया, लोकिन माता- पिता और बहन की मौत से उसे गहरा सदमा लगा है.

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गांव में मचा कोहराम

पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार शाम तीनों के शव अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव पहुंचाए. जहां हर तरफ कोहराम मच गया. सभी की आंख नम थी.मोडगुणा गांव में मातम छाया हुआ था.वही ग्रामीणों की मौजूदगी में शाम करीब 6 बजे तीनों का अंतिम संस्कार किया गया.

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