Nagar farmer death: नागौर जिले के पादुकला में कीटनाशक छिड़कने के दौरान कल (23 जनवरी) किसान की तबीयत बिगड़ी. इसके बाद हॉस्पिटल लाया गया और इलाज के दौरान मौत हो गई. कुशाल जब खेत में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे थे, तभी तेज हवा चलने के कारण दवा सांस के जरिए उनके शरीर में प्रवेश कर गई. इसके बाद दवा का असर होते ही खेत में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई. किसी तरह वे घर पहुंचे, जहां अचानक बेहोश हो गए. परिजनों ने तत्काल उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण किसान को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में रेफर कर दिया गया.
पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा
मृतक के भाई नेमाराम ने बताया कि अजमेर के जेएलएन अस्पताल में कुशाल राम मेवड़ा का इलाज जारी था. लेकिन आज (24 जनवरी) इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने पर थाने के एएसआई चरण सिंह चीर घर पहुंचे. पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया.
घर में पसरा मातम
किसान की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में भी शोक की लहर है. परिजनों ने बताया कि कुशाल राम परिवार के मुख्य सहारा थे, जिनकी अचानक मौत से घर की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा.
इन बातों का रखना होगा खास ख्याल
- विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करते समय विशेष सावधानी जरूरी है.
- मुंह पर मास्क, हाथों में दस्ताने और आंखों पर चश्मा पहनकर ही दवा का छिड़काव करें. तेज हवा के समय कीटनाशक का छिड़काव करने से बचें. क्योंकि हवा के साथ दवा सांस के जरिए शरीर में जा सकती है.
- दवा छिड़कते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें और काम के बाद हाथ-पैर व चेहरे को साबुन से अच्छी तरह धोएं.
- किसी भी प्रकार की घबराहट, चक्कर या सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें.
- विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
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