Naresh Meena Bail: नरेश मीणा को राजस्थान हाई कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन जेल से नहीं आएंगे बाहर, जानें वजह

साल 2023 के सितंबर महीने में नरेश मीणा के समर्थकों ने बारां शहर में तत्कालीन मंत्री प्रमोद जैन भाया के घर के बाहर प्रदर्शन किया था. इस दौरान नरेश मीणा समर्थक और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. झड़प के दौरान 5 पुलिसकर्मी चोटिल हो गए थे. इसी मामले में अब नरेश मीणा को जमानत मिली है.

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Rajasthan News: राजस्थान के टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव वोटिंग के दौरान SDM अमित यादव को थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को जमानत मिल गई है. राजस्थान हाई कोर्ट ने मंगलवार सुबह सुनवाई के बाद नरेश मीणा को पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भैया के घर के बाहर प्रदर्शन करने और भीड़ को उकसाने के मामले में यह जमानत दी है. हालांकि अभी भी वे जेल में ही रहेंगे. क्योंकि, नरेश मीणा को जिन केस में जमानत मिली है वो एसडीएम थप्पड़कांड से पहले का है. उस वक्त उनके खिलाफ कानून की अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे.

क्या था मामला जिसमें मिली ज़मानत ? 

साल 2023 के सितंबर महीने में नरेश मीणा के समर्थकों ने बारां शहर में तत्कालीन मंत्री प्रमोद जैन भाया के घर के बाहर प्रदर्शन किया था. इस दौरान नरेश मीणा समर्थक और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. झड़प के दौरान 5 पुलिसकर्मी चोटिल हो गए थे. 

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2023 में कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की हत्या के विरोध में मोठपुर थाना इलाके में प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बस में आगजनी की थी, जिसके बाद पुलिस ने 15 सितंबर को नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में उन्हें अटरू एडीजे कोर्ट से जमानत मिल गई थी. इसके बाद, नरेश मीणा का काफिला कलेक्ट्रेट पहुंचा और सभी समर्थक मंत्री प्रमोद जैन भाया के आवास की ओर रवाना हो गए थे.

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समरावता कांड में नहीं मिली ज़मानत  

उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुई हिंसा के मामले में नरेश मीणा की जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डॉ. महेश शर्मा ने तर्क दिया कि समरावता गांव के लोग लंबे समय से तहसील मुख्यालय बदलने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उन्होंने दावा किया था कि हिरासत में रहने के कारण याचिकाकर्ता का बाद में हुई आगजनी की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है और उसे गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है. हालांकि कोर्ट ने ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया.

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14 नवंबर को नरेश मीणा की हुई थी गिरफ्तारी

समरावता गांव में 13 नवंबर को देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान मतदान का ग्रामीणों द्वारा बहिष्कार किया गया और उसी दौरान तीन वोट डाले जाने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एरिया मजिस्ट्रेट अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था. इससे पहले ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर वोटिंग का बहिष्कार शुरू किया था और काफी हंगामा हुआ था. इसी दौरान थप्पड़ कांड हुआ और एसडीएम को थप्पड़ मारने का मामला तूल पकड़ गया और नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया.

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