जैसलमेर. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में छपे विवादित नक्शे को हटाने का फैसला लिया है. इस नक्शे में बीकानेर, बूंदी और जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाया गया था, जिस पर विवाद खड़ा हो गया. इस मामले पर जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह, राजपरिवार सदस्य विक्रम सिंह नाचना, उदयपुर के विश्वराज सिंह और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी ने कड़ी आपत्ति जताई थी. विरोध के बाद NCERT ने समीक्षा कर नक्शे को पुस्तक से हटाने का फैसला लिया.
NCERT ने स्वीकार की गलती
NCERT के अगले संस्करण में यह नक्शा शामिल नहीं होगा. NCERT ने स्वीकार किया कि नक्शे में ऐतिहासिक तथ्यात्मक त्रुटि थी. विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया कि जैसलमेर रियासत कभी मराठा शासन के अधीन नहीं रही, बल्कि एक स्वतंत्र रियासत के रूप में अस्तित्व में थी. विक्रम सिंह नाचना ने कहा कि यह केवल एक नक्शे का मुद्दा नहीं, बल्कि इतिहास और पहचान से जुड़ा सवाल था.
त्रुटि वाला पुराना मैप
'मराठों के अधीन नहीं रहा जैसलमेर'
राजपरिवार के सदस्य नाचना ने स्पष्ट किया कि जैसलमेर कभी मराठों के अधीन नहीं रहा, न ही उसने कभी चौथ (कर) दिया. इतना ही नहीं, जैसलमेर रियासत और मराठों के बीच कभी युद्ध भी नहीं हुआ और न ही मराठाओं ने यहां आक्रमण किया. उन्होंने कहा कि जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाना पूरी तरह गलत था और NCERT द्वारा इसे हटाना सही कदम है. साथ ही उन्होंने मांग की कि भविष्य में पाठ्यपुस्तकों में किसी भी ऐतिहासिक तथ्य को शामिल करने से पहले विशेषज्ञों से गहन समीक्षा कराई जाए, ताकि इस तरह की त्रुटियां दोबारा न हों.