Alwar Fire Accident: अलवर के नीमराना में शुक्रवार शाम एक कबाड़ गोदाम की भीषण आग ने न केवल चार जिंदगियां लील लीं. जिनमें दो मासूम लड़कियां भी है. उनकी मौत के बाद अब यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विवादों में घिर गया है. हादसे में जान गंवाने वाली दो नाबालिग लड़कियों के परिजनों ने पुलिस पर उन्हें रातभर थाने में 'बंधक' बनाकर रखने का आरोप लगाया है.
बहन को गोदाम में खाना देने गई और जली जिंदा
वही इस दर्दनाक हादसे में अपनी बेटी को गंवाने वाले पिता संतराम ने हादसे को लेकर जानकारी दी. उन्होंने बाताया कि उनकी सात साल की बेटी आरुषि अपनी मौसी की लड़की कविता को खाना देने के लिए गोदाम गई थी, तभी यह हादसा घटित हुआ. कविता भी उसी गोदाम में काम करती थी वह भी इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुई.
पैसों को जोड़कर मोबाइल लेना चाह रही थी कविता
कविता के माता पिता ने बताया कि उसे मोबाइल का शौक था. इसके कारण वो चॉकलेट बनाने की फैक्ट्री में काम करती करती थी. जिसके लिए उसे 300 रुपए दिए जा रहे थे. इन्हीं पैसों को जोड़कर वह अपने लिए मोबाइल लेना चाह रही थी. उसकी उम्र 16 से 18 साल की बताई जा रही है. कविता के माता-पिता, रूपन लाल और उनकी पत्नी, जो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के निवासी हैं.
4 लोगों की दर्दनाक मौत
वहीं मामले को लेकर डीएसपी चारुल गुप्ता ने जानकारी दी कि इस दर्दनाक घटना में 4 लोगों की मौत हुई हैं. जिसमें दो नाबालिग कविता और आरुषि समेत एक पिकअप चालक जोनी जो बहरोड़ के मांढनका रहने वासा है, दूसरा रविदत्त निवासी हरियाणा की पुष्टि हुई हैं.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल सभी मृतकों का पोस्टमॉर्टम हो गया है और परिवार वालों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है. FSL टीम और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने भी मौके की जांच की है, फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। परिवार वालों के आरोपों पर DSP ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, उनसे सिर्फ पूछताछ की जा रही है.
रात भर थाने में बिठाकर रखा
पीड़ित परिवारों का कहना है कि कल शाम से घटना के बाद से मृतकों के परिजन समेत करीब 6 से ज्यादा रिश्तेदार थाना परिसर में मौजूद थे, जिन्हें रातभर वहीं बैठाए रखा. उन्हें कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी.और न ही किसी से मिलने की अनुमति दी जा रही है, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे है.
4 लोगों की मौत, 2 मासूम बच्चियां भी शामिल
गौरतलब है कि नीमराना स्थित एक कबाड़ गोदाम में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग में कुल 4 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 2 मासूम बच्चियां भी शामिल हैं. अब इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका और फैक्ट्री में काम करने की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
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