वेब सीरीज देख डॉक्टर बनने की ठानी जिद, 1st अटेम्ट में 448 नंबर; NEET अभ्यर्थी की कितनी मुश्किल रही तैयारी

NEET UG 2026 की दोबारा आयोजित परीक्षा केवल बच्चों और उनके अभिभावकों की ही नहीं, बल्कि एनटीए की भी नजर आई. तमाम बंदोबस्त भी युद्ध स्तर पर किए गए. परीक्षा 2 बजे से शुरू हुई. 

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NEET अभ्यर्थी की कितनी मुश्किल रही तैयारी

"जिस व्यक्ति का लक्ष्य महान है, उसे भाग्य नहीं रोक सकता." जयपुर के गांधीनगर स्थित स्कूल पर लिखा ये एक कथन नीट के अभ्यर्थियों को प्रेरणा दे रहा है, जो आज दोबारा इस परीक्षा देने पहुंचे. सुबह से ही अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ सेंटर पर आ गए. जिनको प्रवेश मिल गया, उनके परिजन बाहर बेचैन दिखाई दिए. कोटपुतली के गांव छबड़ा से गौरव अपने ताऊजी के साथ परीक्षा देने आया. उसके पिता किसान हैं. केवल दसवीं तक पढ़े हैं. गौरव ने 2022 में अपने घर का पहला डॉक्टर बनने का सपना देखा था. यह उसका दूसरा अटेम्प्ट है. पहले अटेम्प्ट में 448 नंबर आए थे. पेपर से पहले थोड़ी घबराहट थी. ताऊजी स्टील की एक बोतल से पानी पारदर्शी प्लास्टिक की बोतल में डालकर देते हुए नजर आए, क्योंकि परीक्षा केंद्र पर केवल पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की ही अनुमति थी. गौरव को उसके ताऊ समझाते रहे - बेटा, परेशान नहीं होना है. जैसा भी होगा, कोई दिक्कत नहीं है.

NEET के लिए बड़े स्तर पर थी तैयारी

पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द करने पर NTA ने नीट यूजी परीक्षा 2026 (NEET UG 2026) को फिर से आयोजित किया. परीक्षा के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई. एयरफोर्स और अर्द्धसैनिक बलों की निगरानी में प्रश्न पत्रों की डिलीवरी से लेकर परीक्षा से एक दिन पहले मॉक ड्रिल, जिला स्तरों पर कई सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई. यहां तक कि एग्जाम हॉल में समय दिखाने वाली घड़ियां भी एनटीए की लगाई गईं.

बता दें कि 3 मई को हुआ पेपर, लीक हो गया. इसके बाद NTA ने परीक्षा का दोबारा आयोजन का फैसला किया. अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में तो जुट गए, लेकिन ये एक महीना सरकार, एनटीए और अभ्यर्थियों सबके लिए काफी हलचल भरा रहा. एक ओर पेपरलीक की खबरें, कार्रवाई की सुर्खियां और फिर परीक्षा के पुनः आयोजन की तैयारी के संदेश लगातार आते रहे.

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NEET अभ्यर्थी गौरव
Photo Credit: NDTV

गौरव के पिता किसान हैं, मां घर और खेती का काम ही करती है. घर में कोई भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है. बताते हैं कि जब पता चला, पेपरलीक हो गया तो बुरा लगा. तैयारी की थी, फिर अचानक दोबारा सब करना पड़ेगा. घबराहट भी है और बेचैनी भी. 

10वीं के बाद डॉक्टर बनने की ठानी जिद

गौरव ने बताया कि वो न्यूरोलॉजी के डॉक्टर बनना चाहते हैं. कक्षा 10 के रिजल्ट के बाद ताऊजी के फोन में सोशल मीडिया पर द गुड डॉक्टर वेब सीरीज की वीडियो देखी थी. उसके बाद मुझे मन हुआ कि डॉक्टर बनना है. हालांकि, मेरे पास नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन नहीं है. इसलिए आज तक मैं वो वेब सीरीज कभी पूरी नहीं देख पाया, लेकिन मुझे लगता है मैं भी एक गुड डॉक्टर बनूंगा.

उन्होंने बताया कि 2024 में जब पेपरलीक हुआ था. उसके बाद 2025 का पेपर कठिन आया था. एक महीने में कुछ दिन तो तैयारी को दोबारा शुरू करने में ही लग गए. सभी नोट्स और किताबों को दोबारा संभाला. पेपर से पहले डर तो आमतौर पर हर बार ही लगता है. आज थोड़ी ज्यादा घबराहट रही. हालांकि उन्हें यकीन था कि इस बार पेपर बिना किसी गड़बड़ी के हो जाएगा. 

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उन्होंने कहा कि पेपरलीक होना तो गलत हुआ. दोबारा होने की खबर आई. मेंटली परेशान तो हुए ही है, तब बस यही सोचा कि अब जो भी हो परेशान होने से क्या होगा. पेपर तो देना ही है. मम्मी पापा ने भी यही समझाया. फिर से तैयारी में जुट गया. पहले जयपुर पीजी में रहकर तैयारी करता था. अब एक महीने घर से ही तैयारी की है. ऑनलाइन टेस्ट भी दिए. उम्मीद है इस बार पहले से भी ज्यादा अच्छे नंबर आए. 

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