गजब है! इलेक्ट्रिक कार का 'धुआं' ढूंढ लाई नागौर पुलिस, बहस हुई तो ठोक दिया 1500 का जुर्माना

नागौर ट्रैफिक पुलिस का गजब कारनामा. खिड़की के शीशो पर लगी काली जाली हटाने पर बहस हुई तो गुस्से में एएसआई ने इलेक्ट्रिक कार का ही प्रदूषण चालान काट दिया. अब वीडियो वायरल होने पर विभाग सफाई दे रहा है.

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नागौर पुलिस की मनमानी: EV कार का काटा प्रदूषण चालान, वीडियो वायरल हुआ तो मांगी माफी
NDTV Reporter

Nagaur News: राजस्थान के नागौर शहर से ट्रैफिक पुलिस की एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. यहां पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक कार (EV) का ही प्रदूषण का चालान काट दिया. यह बात इसलिए अजीब है क्योंकि इलेक्ट्रिक कार में इंजन या साइलेंसर होता ही नहीं है और वह धुआं भी नहीं छोड़ती. अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

मामूली सी बहस के बाद थमाया 1500 का चालान

यह पूरा मामला 6 अप्रैल का है, जो शुक्रवार को सामने आया है. उस दिन नागौर के कृषि मंडी तिराहे पर तैनात एएसआई रामकुमार अपनी टीम के साथ गाड़ियों की जांच कर रहे थे. तभी उन्होंने टाटा कंपनी की एक इलेक्ट्रिक कार (नंबर: RJ 19 CO 0119) को रोका. कार की खिड़कियों पर काली जालियां लगी हुई थीं. पुलिस ने जब उन जालियों को हटवाया, तो कार चलाने वाले शख्स और एएसआई के बीच बहस शुरू हो गई. विवाद बढ़ा तो पुलिस ने काली फिल्म और अन्य नियमों के नाम पर 200 रुपये का चालान तो काटा ही, लेकिन साथ में गुस्से में आकर 1500 रुपये का प्रदूषण (Pollution) उल्लंघन का भी चालान काट दिया.

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वीडियो वायरल हुआ तो खुली पोल

हादसे के समय वहां मौजूद लोगों का कहना है कि पुलिस ने अपनी जिद और गुस्से में आकर यह कार्रवाई की. ड्राइवर पुलिस को बार-बार समझाता रहा कि 'साहब, यह इलेक्ट्रिक कार है, इसमें प्रदूषण सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती', लेकिन पुलिसकर्मी ने उसकी एक न सुनी. इसका वीडियो जब इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे और इसे 'एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी' वाला मामला बताने लगे.

पुलिस ने क्या कहा?

नागौर में इस तरह का यह पहला मामला है. अब जब मामला चर्चा का विषय बन गया है, तो ट्रैफिक पुलिस अपनी गलती मान रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार की जालियां हटाने को लेकर चालक बहस कर रहा था, इसी आपाधापी में भूलवश पॉल्यूशन का चालान कट गया. विभाग ने आश्वासन दिया है कि अब इस मामले की जांच कराई जा रही है और गलत चालान को सिस्टम से कैंसिल कर दिया जाएगा. फिलहाल, यह वाकया पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

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