एनएसयूआई के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ को सचिन पायलट गुट का माना जाता है. उन्होंने राजस्थान कॉलेज से राजनीति में प्रवेश किया. साल 2018 में राजस्थान यूनिवर्सिटी का इलेक्शन जीतने से पहले साल 2014-15 में राजस्थान कॉलेज में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में छात्र संघ अध्यक्ष बने. उन्हें 2024 में अभिषेक चौधरी की जगह राजस्थान एनएसयूआई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. इससे पहले एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. साथ ही दिल्ली और गुजरात में भी संगठन का काम देख चुके हैं. पिछले साल राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस के दशहरा पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का विरोध करने के चलते जेल भी जाना पड़ा था.
प्राइवेट स्कूल में मास्टर थे पिता
विनोद जाखड़ के पिता का नाम पूरणमल जाखड़ हैं, जो कारीगिरी का काम करते थे. पिता को जयपुर के एक स्कूल में कारीगरी का काम मिला था. इसके बाद वे जयपुर आए और उसी स्कूल में मुफ्त शिक्षा मिली. साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले विनोद के लिए यहां तक पहुंचना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है. उन्होंने कड़ी मेहनत और सादगी से अपनी पहचान बनाई.
कथित तौर पर नियुक्ति का था विवाद
हालांकि, पार्टी के भीतर भी उनका संघर्ष कम नहीं रहा. उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार भी लटक गई थी. उनके खिलाफ पार्टी द्वारा नोटिस भी जारी किया गया था. पिछले दिनों राजस्थान एनएसयूआई की यूनिट में नियुक्तियों को लेकर विनोद जाखड़ को नोटिस दिया गया था.
कथित रूप से सिंगल ऑर्डर की नियुक्ति करने के लिए विनोद जाखड़ पर दबाव बनाया गया था. वहीं, विनोद जाखड़ कुछ और नियुक्तियां भी करवाना चाहते थे. इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. मामले में विनोद जाखड़ को सफाई देनी पड़ी. लेकिन अब वरुण चौधरी की विदाई हो चुकी है और जाखड़ पद संभालेंगे.
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