RSS vs NSUI: राजस्थान यूनिवर्सिटी में 3 अप्रैल को राजस्थान स्वयंसेवक संघ (RSS) का कार्यक्रम आयोजित होने वाला है. लेकिन इस कार्यक्रम को लेकर बवाल होना तय माना जा रहा है. क्योंकि इस आयोजन का NSUI विरोध करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए अनुमति नहीं देने की मांग की गई है. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा है कि राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जैसे संकीर्ण वैचारिक संगठन के कार्यक्रम आयोजित किए जाने के प्रस्ताव पर NSUI विरोध करेगा . विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का केंद्र होता है, न कि किसी विशेष विचारधारा के प्रचार-प्रसार का मंच.
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक और वैचारिक एजेंडों से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और स्वतंत्र सोच के लिए यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय परिसरों में शैक्षणिक वातावरण निष्पक्ष और समावेशी बना रहे.
शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने के साथ गरिम पर आघात
जाखड़ ने आगे कहा कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ावा दिया जाता है, तो यह न केवल शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करेगा, बल्कि शिक्षा की गरिमा को भी आघात पहुंचाएगा. NSUI राजस्थान ने इससे पूर्व भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रम का संगठन ने प्रखर विरोध किया था, क्योंकि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों के बीच वैचारिक विभाजन उत्पन्न करती हैं और शिक्षा के मूल उद्देश्यों के विपरीत हैं.
कार्यक्रम को नहीं दी जाए अनुमति
NSUI राजस्थान ने 3 अप्रैल 2026 को राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित RSS के कार्यक्रम का कड़ा और प्रखर विरोध करते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति न दी जाए.
NSUI ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के मंदिर को किसी भी प्रकार की वैचारिक प्रयोगशाला बनने नहीं दिया जाएगा और संगठन छात्रों के हितों एवं शैक्षणिक वातावरण की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा.
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