राजस्थान में OMR शीट का मामला, राज्यवर्धन राठौड़ बोले- सरकार की नीति भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की है

मंत्री राठौड़ ने कहा कि मैं समझ सकता हूं कि युवाओं पर क्या गुजर रही है. ऐसे घोटाले होते हैं तो उनका दम टूटता है, भरोसा टूटता है. सरकार की जिम्मेदारी है कि सिस्टम दुरुस्त करे.

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युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन राठौड़

Rajasthan News: राजस्थान में OMR मार्कशीट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सियासी माहौल गर्म है और युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच राज्य के युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है. एनडीटीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में राठौड़ ने स्वीकार किया कि 2018 में OMR मार्कशीट के साथ छेड़छाड़ हुई. उनका आरोप है कि उस समय सत्ता में रही कांग्रेस सरकार के दौरान इस सिस्टम का दुरुपयोग हुआ, नंबरों में हेरफेर की गई और धोखाधड़ी का सिलसिला लगातार चलता रहा.

राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीति भ्रष्टाचार और फ्रॉड पर ज़ीरो टॉलरेंस की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी पूरी तहक़ीक़ात चल रही है, कहां, कैसे और किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई, इसकी गहन जांच की जा रही है.

''मैं समझ सकता हूं कि युवाओं पर क्या गुजर रही है''

युवाओं की पीड़ा को स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि युवाओं पर क्या गुजर रही है. ऐसे घोटाले होते हैं तो उनका दम टूटता है, भरोसा टूटता है. सरकार की जिम्मेदारी है कि सिस्टम दुरुस्त करे.”

''Systemic बदलाव भी किए जा रहे हैं''

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ पुरानी गलतियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि systemic बदलाव भी किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना खत्म की जा सके. उन्होंने कहा ''जो युवाओं को पीड़ा पहुंची है, उनका समय तो वापस नहीं लौटाया जा सकता, लेकिन आगे के लिए ऐसा सिस्टम बनाना हमारी जिम्मेदारी है जहां हर परीक्षा पारदर्शी हो और युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी मिले, ना घूस देकर, ना धोखाधड़ी से.''

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OMR घोटाले को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और युवा वर्ग सरकार से ठोस कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहा है.

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