Watch video: चलती बस में मौत की नींद सो गया ड्राइवर, जानें कैसे बची सवारियों की जान

Viral Video: राजस्थान के पाली जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो है जिसमें एक निजी बस में एक शख्स अचानक अपने बगल में बैठे यात्री पर गिर गया और कुछ ही पल में उसने अपनी आखिरी सांसें लीं.

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ड्राइवर की बैठे- बैठे हो गई मौत

Pali Viral Video: हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में अचानक मौत के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. लोग बैठे-बैठे, चलते हुए, या फिर डांस करते हुए भी अचानक दम तोड़ रहे हैं. ऐसे ही मामलों से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो राजस्थान के पाली जिले से सामने आया है. एक निजी बस में एक शख्स अचानक अपने बगल में बैठे यात्री पर गिर गया और कुछ ही पल में उसने अपनी आखिरी सांसें लीं. यह डरा देने वाली घटना बस में लगे कैमरे में कैद हो गई और वायरल होने के बाद इसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर अचानक मौत के पीछे की वजह क्या है?

तबियत खराब होते ही स्टीयरिंग दे दी दूसरे के हाथ

मामला पाली के देसूरी इलाके की है.जोधपुर-इंदौर रूट पर चलने वाली एक प्राइवेट बस के ड्राइवर सतीश राव (36) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. यह घटना उस समय हुई जब बस केलवा-राजनगर के पास से गुजर रही थी. बस में लगे सीसीटीवी फुटेज के  मुताबिक, बस जब केलवा राजनगर के पास पहुंची, तभी सतीश की तबीयत खराब होने लगी था.  जिसके कारण उसने साथी चालक को उसकी तबियत खराब होने की बात कही. और बस चलाने की जिम्मेदारी उसे सौंप दी. दरअसल लंबी दूरी के लिए बसों में दो ड्रइवर रखे जाते है. 

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बेहोश होकर साथी डाइवर पर गिरा और मौत हो गई

जब दूसरे ड्राइवर ने बस की कमान संभाली, तो उसने गोमती चौराहा पर सतीश के लिए दवा लेने की कोशिश की, लेकिन सभी मेडिकल स्टोर बंद मिले. बस आगे देसूरी की ओर बढ़ चली.गोमती चौराहा पार करते ही सतीश की हालत और भी खराब हो गई और देसूरी नाल घाट पहुंचते-पहुंचते वह बेहोश होकर दूसरे ड्राइवर पर गिर पड़ा. हालात की गंभीरता को देखते हुए, उनके साथी ड्राइवर ने तुरंत बस को देसूरी अस्पताल पहुंचाया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने सतीश को मृत घोषित कर दिया.

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समय रहते यात्रियों की बचाई जान

इसके बाद पुलिस और परिजनों को घटना की सूचना दी गई. जिसके बाद दोनों अस्पताल पहुंचे. साथ ही, परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया. खास बात यह है कि अगर ड्राइवर सतीश ने समय रहते अपने साथी को अपनी तबीयत खराब होने की बात न बताई होती और उसे बस चलाने के लिए न कहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था.

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