Rajasthan: पेपर लीक मामले में राजस्थान में सियासी भूचाल, कांग्रेस-भाजपा ने एक दूसरे पर लगाए इल्ज़ाम

पेपर लीक मामले पर कांग्रेस विधायक दल के सचेतक ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार को शर्म करनी चाहिए, क्योंकि ढीली पैरवी के कारण बाबूलाल कटारा को जमानत मिल गई.

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भाजपा नेता जोगाराम पटेल और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली

प्रदेश में पेपर लीक मामले को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है. आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से जेल में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की मुलाकात और उसके बाद मंत्री की तरफ से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र के बाद सत्ताधारी पक्ष अब कांग्रेस पर और हमलावर हो गया है.

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बाबूलाल कटारा के बयान के आधार पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के OSD द्वारा जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है और बाबूलाल कटारा के बयानों से यह लगता है कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय कुर्सी की खींचतान चल रही थी और कांग्रेस को वर्तमान सरकार पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.

''कमजोर पैरवी के कारण बाबूलाल कटारा को राहत मिली''

वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि कमजोर पैरवी के कारण बाबूलाल कटारा को राहत मिली, जबकि पिछली सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की थी. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के बयान और सरकार की स्थिति में विरोधाभास नजर आ रहा है.

''पेपर लीक करने वालों ने युवाओं के अधिकारों पर कुठाराघात किया''

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पेपर लीक की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पेपर लीक करने वालों ने युवाओं के अधिकारों पर कुठाराघात किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराकर युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार बिना किसी भेदभाव और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित करने के लिए संकल्पित है.

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''कांग्रेस के समय आरोपियों को पकड़ा गया''

उधर, पेपर लीक मामले पर कांग्रेस विधायक दल के सचेतक ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार को शर्म करनी चाहिए, क्योंकि ढीली पैरवी के कारण बाबूलाल कटारा को जमानत मिल गई. रफीक खान ने दावा किया कि कार्रवाई पिछली सरकार के समय हुई और आरोपियों को पकड़ा गया, लेकिन मौजूदा सरकार की कमजोर पैरवी के चलते उन्हें राहत मिली. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि वे कुछ भी कह सकते हैं और कुछ भी कर सकते हैं.