कांग्रेस सरकार में पेपर लीक सबसे बड़ा विश्वासघात, डोटसार अपना कार्यकाल भूल गए- मदन राठौड़

राठौड़ ने वर्तमान भाजपा सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. हाल ही में जो मामला सामने आया था, वह केरल से जुड़ा था जिसे देशभर में वायरल किया गया.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
मदन राठौड़

Rajasthan Politics: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर तीखा पलटवार किया है. राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस को अपना वह कार्यकाल याद करना चाहिए, जिसमें राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं का मजाक बना दिया गया था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जिनके घर कांच के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते. मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान 17 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब गया. तत्कालीन सरकार मूकदर्शक बनी रही और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की.

शिक्षा संकुल से पेपर चोरी से लेकर SI और RAS पेपर लीक

शिक्षा संकुल से पेपर चोरी होने की घटना पूरे देश में गूंजी थी. सरकार ने पेपर लीक माना तो सही, लेकिन केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की और दूसरे लेवल का परिणाम जारी कर नियुक्तियां दे दीं. यह युवाओं के साथ सरासर असंवेदनशीलता थी. कांग्रेस राज में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की बात तक स्वीकार नहीं की गई और आनंद-फानन में नियुक्तियां दे दी गईं. आरएएस भर्ती प्रक्रिया में डोटासरा के परिजनों को इंटरव्यू में योग्य अभ्यर्थियों से अधिक अंक दिए जाने का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था, जिससे कांग्रेस की निष्पक्षता उजागर होती है.

Advertisement

भजनलाल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ

राठौड़ ने वर्तमान भाजपा सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. हाल ही में जो मामला सामने आया था, वह केरल से जुड़ा था जिसे देशभर में वायरल किया गया. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया और अब इसकी निष्पक्ष जांच CBI कर रही है.

NTA पर नहीं तो गहलोत-डोटासरा पर भरोसा करें

कांग्रेस द्वारा एनटीए (NTA) को नॉन ट्रस्ट एजेंसी कहे जाने पर राठौड़ ने तीखा सवाल किया, अगर एनटीए पर भरोसा नहीं है, तो फिर किस पर किया जाए- गहलोत, डोटासरा या पायलट पर? उन्होंने कांग्रेस की जेपीसी (JPC) जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि मोदी सरकार में जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं. कांग्रेस के समय एजेंसियों पर दबाव होता था, लेकिन आज सीबीआई पूरी स्वतंत्रता से काम कर रही है, इसलिए जेपीसी की कोई आवश्यकता नहीं है. सरकार ने पेपर लीक नेटवर्क को तोड़ने के लिए दोषियों की गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं और ऐतिहासिक नीतिगत फैसले लिए हैं.

गहलोत को अपने कार्यकाल में बढ़ाए वैट का हिसाब देना चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर दिए गए बयान पर राठौड़ ने कहा कि गहलोत को पहले अपने कार्यकाल में बढ़ाए गए वैट (VAT) और टैक्स का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं. अगर कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक के समय प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया होता, तो आज उनकी यह राजनीतिक दुर्दशा नहीं होती. विपक्ष को प्रधानमंत्री द्वारा की गई मितव्ययता (पानी और बिजली बचाने) की अपील का समर्थन करना चाहिए, न कि हर सकारात्मक कदम पर केवल आलोचना की राजनीति.

यह भी पढ़ेंः Petrol diesel price: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी, जानिए राजस्थान में क्या हैं नई कीमतें

Advertisement