Rajasthan News: राजस्थान की कोटा पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने न केवल तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि उनके एक खतरनाक खेल का भी पर्दाफाश किया है. कोटा की रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने जब दो महिला तस्करों के बैग की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अनुभवी पुलिस अधिकारियों की आंखें भी फटी रह गईं.
अब मिलावटखोरों ने अफीम को भी नहीं छोड़ा
आमतौर पर मिलावट की खबरें खाद्य पदार्थों में आती हैं, लेकिन कोटा में पकड़ी गई पंजाब की इन दो महिला तस्करों ने नशे की खेप में भी मिलावट का नया पैंतरा अपनाया था. पुलिस को उनके पास से 17.590 किलो अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ. चौंकाने वाली बात यह थी कि वजन बढ़ाने और पुलिस को चकमा देने के लिए इस मादक पदार्थ में भारी मात्रा में मूंगफली के छिलके मिलाए गए थे.
कैसे जाल में फंसीं पंजाब की 'लेडी तस्कर'?
पुलिस अधीक्षक (शहर) तेजस्वीनी गौतम के नेतृत्व में चल रहे 'ऑपरेशन गरुड़ व्यूह' के तहत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर पुलिस टीम गश्त कर रही थी. तभी टीटीई विश्राम गृह के पास दो महिलाएं संदिग्ध हालत में नजर आईं. पूछताछ में उन्होंने अपना नाम बिन्द्रा उर्फ पलविंदर कौर और बलजीत कौर बताया. ये पंजाब के जालंधर और फिरोजपुर की रहने वाली हैं. जब इनके बैग की सघन तलाशी ली गई, तो कपड़ों की परतों के बीच नशा और मिलावट का यह जखीरा बरामद हुआ.
रिश्तेदारी की आड़ में अंतरराज्यीय तस्करी
पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं. इनका नेटवर्क मध्य प्रदेश और राजस्थान के झालावाड़ से लेकर पंजाब तक फैला हुआ है. ये शातिर तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए अक्सर ट्रेन और बस जैसे सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करती थीं और बार-बार अपना रास्ता बदल लेती थीं.
परिवार को भी थी खबर?
शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि ये दोनों महिलाएं शादीशुदा हैं और इनके बच्चे भी हैं. पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या इनके परिवार के अन्य सदस्य भी इस काले कारोबार का हिस्सा हैं. बलजीत कौर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि वह पहले भी तस्करी के मामलों में लिप्त रही है.
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