राजस्‍थान के लोग एक सप्‍ताह तक भूल जाएं बार‍िश, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर पड़ गया

Rajasthan Weather: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले सात दिनों तक पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
राजस्थान में बारिश का दौर थम गया है.
IANS

Weather Alert: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, और कहीं भी अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं. जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहा. हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की सूचना मिली.  फलोदी में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस अजमेर में रिकॉर्ड किया गया. 

एक सप्ताह शुष्क रहेगा मौसम 

पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. 16 और 17 जुलाई को उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने के आसार हैं. 

Advertisement

इस बीच, अगले दो से तीन दिनों के दौरान जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों के कई हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलने की संभावना है. 

वायुमंडलीय परिस्थितियां मौजूद नहीं 

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मौजूदा सूखा मानसूनी हवा के कमजोर प्रवाह और ऊपरी वायुमंडल में किसी भी सक्रिय मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति का परिणाम है. हालांकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने राजस्थान को ढक लिया है लेकिन व्यापक वर्षा के लिए आवश्यक वायुमंडलीय परिस्थितियां फिलहाल मौजूद नहीं हैं. 

मानसून कमजोर रहने की संभावना

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक पूरे राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की संभावना है, हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक नया क्षेत्र बन सकता है. इसके असर से राज्य में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं. 

राजस्थान में मानसून फिर से सक्रिय

अगर यह कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ता है, तो राजस्थान में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है. इससे राज्य के कई जिलों में बारिश बढ़ने की संभावना है. बारिश बढ़ने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं खरीफ की फसलों को भी इसका फायदा होगा. 

Advertisement

2 जुलाई को पहुंचा मॉनसून 

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2 जुलाई, 2026 को राजस्थान पहुंचा, जो इसके सामान्य आगमन से सात दिन बाद था. पिछले 27 वर्षों में यह आठवीं बार है जब मानसून जुलाई में राज्य में पहुंचा है.  इससे पहले मानसून 2 जुलाई 2019 को पूरे राजस्थान में सक्रिय हुआ था. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 1901 से 2025 तक के रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा बारिश 1917 के मानसून के दौरान दर्ज की गई थी. उस साल राजस्थान में 844.2 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से करीब 94 प्रतिशत अधिक थी. 

वर्ष 2025 का मानसून सीजन राजस्थान के इतिहास का दूसरा सबसे अधिक बारिश वाला सीजन रहा. इस दौरान राज्य में 715.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं, राजस्थान में मानसून के दौरान औसतन 435.6 मिलीमीटर बारिश होती है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: च‍िक‍ित्‍सा अध‍िकारी की चली गई नौकरी, IAS-RPS पर कार्रवाई की मंजूरी;  एक्‍शन मोड में CM भजनलाल