प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह 28 फरवरी को अजमेर दौरे पर आने वाले हैं. उनकी आमसभा की तैयारियों के लिए सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस बीच ऐसी शिकायत मिली कि दो पंप संचालकों ने पेट्रोल उधार देने से मना कर दिया. इस मामले की जानकारी जिला कलेक्टर तक पहुंची, जिसके बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM City) ने जिला रसद अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं.
दो पेट्रोल पंप संचालकों ने किया इनकार
कचहरी रोड स्थित 'अजमेर ऑटो' पेट्रोल पंप और भारत पेट्रोलियम के ‘मेसर्स वकील एंड कम्पनी' पेट्रोल पंप ने उधार तेल देने से इनकार किया है. इसमें 'अजमेर ऑटो' पेट्रोल पंप भाजपा नेता और पूर्व जिला प्रमुख पुखराज पहाड़िया की बहू के नाम है.
इस बारे में पूछे जाने पर अजमेर ऑटो पेट्रोल पंप के संचालक पुष्पेंद्र पहाड़िया ने स्पष्ट किया है कि एडीएम सिटी के द्वारा जारी पत्र में उनकी कंपनी का नाम किस आधार पर शामिल किया गया, इसकी जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी सरकारी वाहन में ईंधन भरने से इनकार नहीं किया है, और न ही उनके पेट्रोल पंप पर कोई सरकारी गाड़ी ईंधन भरवाने के लिए आई थी.
पुष्पेंद्र पहाड़िया के अनुसार, "हमारी ओर से किसी भी प्रकार की मना करने की स्थिति उत्पन्न ही नहीं हुई. यदि प्रशासन के पत्र में हमारे पेट्रोल पंप का नाम शामिल किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जिला प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके.”
उन्होंने यह भी कहा कि 28 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के मद्देनजर यदि किसी भी सरकारी वाहन को ईंधन की आवश्यकता होती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. उनका दावा है कि वे हमेशा नियमानुसार कार्य करते हैं, और प्रशासन के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं.
"कूपन नहीं देने पर ईंधन नहीं दिया"
कचहरी रोड स्थित मेसर्स वकील एंड कम्पनी के मैनेजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि 24 फरवरी की शाम एक सरकारी वाहन पेट्रोल पंप पर आया. वाहन चालक ने खुद को सहायक कलेक्टर, भीलवाड़ा की गाड़ी का ड्राइवर बताते हुए उसमें डीजल भरवाने की बात कही. जिला पूल (सरकारी वाहनों) का अकाउंट उनके पेट्रोल पंप पर कई वर्षों पहले ही बंद हो चुका है. इसी कारण उन्होंने संबंधित वाहन में डीजल भरने से मना कर दिया, और उसे आगे भेज दिया. गजेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन चालक के पास प्रधानमंत्री की रैली से संबंधित कोई अधिकृत कूपन या स्वीकृति पत्र भी उपलब्ध नहीं था, जिसके आधार पर ईंधन दिया जा सके.
एडीएम सिटी ने कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है.
कूपन पर गाड़ियों में तेल भरने के लिए कहा गया था
राज्य स्तर पर दिए गए निर्देशों के तहत जिला रसद अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को कूपन पर उधार में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए कहा था. अजमेर की जिला रसद अधिकारी मोनिका जाखड़ ने भी सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया था, लेकिन अगले ही दिन जब सभा की व्यवस्थाओं में लगी अफसरों की गाड़ियां तेल भरवाने पहुंचीं, तो उधार पेट्रोल देने से इनकार कर दिया गया.
28 फरवरी को पीएम मोदी की आमसभा
अजमेर के कायड़ विश्राम स्थल पर 28 फरवरी को पीएम मोदी की आमसभा है, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य मंत्रियों के दौरे जारी हैं. प्रशासन तैयारियों में लगा हुआ है. ऐसे में पेट्रोल पंप द्वारा उधार डीजल-पेट्रोल देने से इनकार ने राजनीतिक असहजता बढ़ा दी है.
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