राजस्थान के वागड़ की राजनीति में भूचाल, महेंद्रजीत मालवीया पर ACB छापा से आदिवासी समाज में आक्रोश

महेंद्रजीत मालवीय पर एसीबी की कार्रवाई की खबर सामने आने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला. नाहरपुरा स्थित भैरवजी मंदिर परिसर में मालवीया के समर्थन में करीब 10 हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए. 

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आदिवासी समाज में आक्रोश

MahendraJeet Malviya: राजस्थान के बांसवाड़ा–वागड़ अंचल की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया. कांग्रेस का दुपट्टा पहनते ही क्षेत्र की सियासत में नए समीकरण बनते नजर आए. पार्टी बदलने के ऐलान के बाद एसीबी की कार्रवाई की खबर सामने आने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला. नाहरपुरा स्थित भैरवजी मंदिर परिसर में मालवीया के समर्थन में करीब 10 हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए. 

जनसैलाब को देखकर साफ नजर आया कि कांग्रेस में वापसी के बाद मालवीया की लोकप्रियता और समर्थन में इजाफा हुआ है. समर्थकों ने एसीबी कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई.

सरकार का असली चेहरा सामने आ गया

महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पार्टी छोड़ने के बाद दबाव बनाने की नीयत से छापेमारी करवाई है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को पहले अच्छा समझते थे, लेकिन इस कार्रवाई से सरकार का असली चेहरा सामने आ गया. मालवीया ने सवाल उठाया कि छापों में आखिर मिला क्या, यह भी जनता के सामने बताया जाना चाहिए.

सभा के दौरान मालवीया की धर्मपत्नी एवं जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने भी कांग्रेस का दुप्पटा पहना. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे और उनका परिवार किसी भी दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वे पहले जेल जाने को तैयार हैं.

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राजकुमार रोत पर भी तीखा हमला

इस दौरान महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब वे भाजपा में थे तब रोत को प्रेस कॉन्फ्रेंस की याद नहीं आई, लेकिन अब कांग्रेस में आते ही बयानबाजी शुरू हो गई है. मालवीया ने नरेगा को लेकर भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मानगढ़ धाम पर तीन राज्यों की बड़ी बैठक कर नरेगा को फिर से मजबूत और उसके मूल स्वरूप में लाया जाएगा.

कार्यक्रम के अंत में रेशम मालवीया ने कार्यकर्ताओं के साथ पारंपरिक गैर नृत्य किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया. भारी भीड़ और जोश के साथ हुई इस सभा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वागड़ की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है.

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