राजस्थान में प्रतापगढ़ पुलिस ने तस्करी की काली कमाई से बनाई करीब 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को जब्त कर दिया है. तस्कर का एक आलीशान मकान, एक फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, उच्च किस्म के घोड़े और भेंसे जब्त की गई है. इस मामले में देवल्दी का तस्कर उस्मान खान फरार चल रहा है. खास बात है कि उस्मान एक कॉलेज स्टूडेंट है और उसकी कमाई का कोई जरिया नहीं है. उसके नाम न ही कोई खेती योग्य जमीन और न ही अन्य कमाई का कोई जरिया है.
तस्कर उस्मान खान फरार
पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने बताया कि 2 महीने पहले 21 फरवरी को अरनोद थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान फरेडी निवासी बाइक चालक नारायण लाल मीणा के कब्जे से 02 किलो 708 ग्राम ब्राउन शुगर और 01 किलो 723 ग्राम ब्राउन शुगर बनाने का केमिकल जब्त किया था. एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने तस्करी के काम में ली जा रही बाइक और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया था.
पूछताछ में सामने आया कि यह केमिकल और ब्राउन शुगर नारायण लाल को देवल्दी निवासी उस्मान खान पठान ने प्रतापगढ़ में किसी व्यक्ति को देने के लिए भेजा था. पुलिस ने उस्मान खान की तलाश की, लेकिन वह फरार हो गया. इस पर पुलिस ने कोर्ट से उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी करवाया है. इस मामले में पुलिस ने तस्कर उस्मान की काली कमाई से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित किया और फ्रीजिंग कार्रवाई के लिए आवेदन कंपीटेंट अथॉरिटी को भेज दिया.
काली कमाई से बनाई संपत्ति जब्त
इसके बाद सोमवार को अथॉरिटी के आदेश पर गांव देवल्दी में तस्कर उस्मान की प्रॉपर्टी की जब्त की कार्रवाई हुई, जिसमें डेढ़ करोड़ का आलीशान मकान, एक स्कॉर्पियो, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी, 5 उच्च किस्म के घोड़े और भैंसे (कुल 2 करोड़ 78 लाख रुपये की संपत्ति) फ्रीज किए गए हैं. एसपी ने बताया कि तस्कर उस्मान एक कॉलेज स्टूडेंट होकर कमाई का कोई जरिया नहीं है. ऐसे में यह पूरी तरह से साबित होता है कि उसके द्वारा बनाया गया मकान, गाड़ियां और घोड़े व भैंसे तस्करी की काली कमाई से अर्जित रूपयो से खरीदे गए. उस्मान पर तस्करी के दो मामले दर्ज हैं.
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