PTI भर्ती फर्जीवाड़ा: JS और OPJS की बैकडेट डिग्री से फंसा पेंच, जालोर के 20 PTI पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

Rajasthan News: पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ एसओजी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान की निजी यूनिवर्सिटीज ने साठगांठ कर 'बैकडेट' में डिग्रियां बांटी हैं.

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PTI recruitment 2025 SOG Action
NDTV

SOG Action in Jalore:  राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने के लिए अपनाए गए शॉर्टकट अब अभ्यर्थियों के लिए गले की फांस बनते जा रहे हैं. पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ एसओजी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान की निजी यूनिवर्सिटीज ने साठगांठ कर 'बैकडेट' में डिग्रियां बांटी हैं.

यूनिवर्सिटी के दावों की खुली पोल

एसओजी की जांच में उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी और चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी मुख्य रूप से घेरे में हैं. जांच एजेंसियों के सामने इन विश्वविद्यालयों ने दावा किया था कि उनके रिकॉर्ड आग लगने के कारण जल गए हैं. हालांकि, जब एसओजी ने गहनता से पड़ताल की, तो संबंधित समय अवधि में आग लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई. इससे यह स्पष्ट हो गया कि रिकॉर्ड जलने की बात केवल 'बैकडेट' डिग्रियों के फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए की गई एक कहानी थी.

81 में से केवल 48 ही बचे मैदान में

फर्जीवाड़े का सबसे गहरा असर जालोर जिले में देखने को मिला है. इस भर्ती के तहत जालोर को कुल 81 पीटीआई आवंटित किए गए थे, लेकिन जांच की आंच पहुंचते ही यह संख्या सिमट कर 48 रह गई है. वर्तमान में कार्यरत 48 शिक्षकों में से 20 एसओजी के निशाने पर हैं. इनमें से 14 ने जेएस यूनिवर्सिटी और 6 ने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाई है. इससे पहले 11 पीटीआई को डमी कैंडिडेट बैठाने या फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है.

प्रदेशभर में 250 से अधिक संदिग्ध डिग्रियां

एसओजी के अनुसार, यह खेल सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है. पूरे प्रदेश में अब तक करीब 250 संदिग्ध डिग्रियों का खुलासा हो चुका है. भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने चालाकी दिखाते हुए बैकडेट में बीपीएड (B.P.Ed) की डिग्रियां हासिल कीं, ताकि वे पात्रता शर्तों को पूरा कर सकें. जांच में सामने आया है कि 9 अभ्यर्थियों का चयन पहले ही निरस्त किया जा चुका है, जबकि कई को नियुक्ति आदेश ही जारी नहीं होने दिए गए.

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कड़ी कार्रवाई की तैयारी

एसओजी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है. फर्जी दस्तावेजों के दम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में कई और गिरफ्तारियां और बर्खास्तगी संभव है.

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