सांगानेर में छापेमारी, सब्सिडी वाले यूरिया की कालाबाज़ारी का खुलासा, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि जब्त किए गए यूरिया के एक कट्टे की कीमत 2189.50 रुपये है, जिसमें 1923 रुपये का सरकारी अनुदान शामिल है. किसानों को यही यूरिया 266.50 रुपये प्रति कट्टा की दर से उपलब्ध कराया जाता है.

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Jaipur News: कृषि विभाग की टीम ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में अनुदानित यूरिया के अवैध उपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर विभाग की टीमों ने मुहाना मंडी इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में सब्सिडी वाला यूरिया जब्त किया और नमूने लिए. कार्रवाई के दौरान मुहाना गांव की हवालों की ढाणी में दिनेश शर्मा के यहां से 1104 अनुदानित यूरिया के कट्टे जब्त किए गए. जब्त किए गए कट्टों को ग्राम सेवा सहकारी समिति मुहाना को सौंप दिया गया.

इसके अलावा कपूरावाला क्षेत्र में स्थित एबीआई पेट्रोसाइन कंपनी से भी 50 यूरिया बैग जब्त किए गए, जिन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति कपूरावाला को सुपुर्द किया गया. कृषि विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए यूरिया की जब्ती और नमूना आहरण की प्रक्रिया पूरी की. मौके से एचयूआरएल कंपनी के 1154 भरे हुए यूरिया के कट्टे और 821 खाली बैग भी बरामद किए गए.

एक कट्टे की कीमत 2189.50 रुपये

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि जब्त किए गए यूरिया के एक कट्टे की कीमत 2189.50 रुपये है, जिसमें 1923 रुपये का सरकारी अनुदान शामिल है. किसानों को यही यूरिया 266.50 रुपये प्रति कट्टा की दर से उपलब्ध कराया जाता है. मामला यूरिया डायवर्जन का है, जिसमें अनुदानित यूरिया का औद्योगिक उपयोग प्रतिबंधित है. यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 के तहत दंडनीय अपराध है. उद्योगों में उपयोग के लिए बिना अनुदान वाला तकनीकी ग्रेड यूरिया इस्तेमाल किया जा सकता है.

कृषि मंत्री ने कहा कि अनुदानित यूरिया का डीईएफ, कलर पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार जैसी फैक्ट्रियों में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य स्तर पर जल्द ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा.

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