दौसा में भयानक ट्रेन हादसा की सूचना पर मचा रेल प्रशासन में हड़कंप, 19 यात्री डब्बे में फंसे, बांदीकुई जंक्शन पर हुआ 'मॉकड्रिल'

दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन के समीप यार्ड  रेल दुर्घटना राहत और बचाव कार्य के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए  उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर की ओर से मॉकड्रिल किया गया.

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Rajasthan News: राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई जंक्शन पर शुक्रवार (20 सितंबर) को भीषण ट्रेन के हादसे की खबर सामने आई. जिसके बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. इसके बाद रेलवे का आपातकालीन सायरन भी बजाने साथ कर्मचारियों को अलर्ट किया. सायरन बचते ही  सरकारी मशीनरी एक्टिव होते हुए आरपीएफ, रेलकर्मी, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहीं बरेली एक्सप्रेस के समय पर बांदीकुई जंक्शन पर रेल हादसे की खबर पूरे शहर में फैल गई. वहीं बचाव कार्य का ऑपरेशन किया गया. वहीं लोगों को राहत तब मिली जब पता चला की यह एक मॉकड्रिल था.

कोच काट कर 19 यात्रियों को निकाला गया

अपर मंडल रेल संजीव दिक्षित बताया कि डॉ. लक्ष्मी मीना मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शाखा अधिकारी एवं रेलवे हॉस्पिटल के डॉक्टर घटना स्थल पर तुरंत पंहुचे. वहां यात्रियों के बचाव व राहत कार्यों का अवलोकन किया. पूरी प्रक्रिया में दोनों कोचों में फंसे हुवे 19 यात्रियों को आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा कोच को काटकर निकाला गया. यह पूरी प्रक्रिया वास्तविक दुर्घटना स्थल पर आपस में समन्वय कर कार्य को करने के अभ्यास के तहत की गई. जिसमें घायल यात्रियों को सहायता देकर निकालना, उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देना, गंभीर घायलों को उचित उपचार देकर शीघ्र नजदीकी अस्पताल में पहुंचाना जैसे कार्य किए गये.इसका रिकोर्ड भी बनाया गया. सभी फंसे हुए यात्रियों को निकाल लिया गया है कोच टीटीई द्वारा अपने पास उपलब्ध चार्ट से चेक किया गया. इस दौरान दुर्घटना राहत गा़ड़ी में उपलब्ध सभी उपकरणों का उपयोग कर उनकी कार्यशीलता की जांच की गई.

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इस दौरान छः एम्बुलेंस जो रेलवे, राजकीय एवं प्राइवेट हॉस्पिटल के 108 एम्बुलेंस सर्विस घटना स्थल पर पहुंची. फायर बिग्रेड दल भी घटना स्थल पर पहुंचा. इस पूरी प्रक्रिया की ड्रोन कैमरे की सहायता से निगरानी एवं वीडीयोग्राफी की गई. इसके लिये हेल्पलाइन काउन्टर खोले गये तथा टेलीफोन नंबर दिये गये जिन्हें भी चेक किया गया.

रेल्वे अधिकारी कहना है कि बल और कौशल के साथ बेहतर रेस्क्यू का अभ्यास और दुर्घटना के वक्त स्थिति में राहत एवं राहत बचाव कार्य का अभ्यास किया गया था. लेकिन इस मॉकड्रिल से तमाम सरकारी मशीन की जांच भी हुई और यह पता लगा कि यदि आपात कालीन को स्थिति ऐसी बन जाती है तो कितनी देर में सरकारी मशीनरी राहत एवं बचाव का कार्य शुरू कर सकती है.

दौसा जिले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन के समीप यार्ड  रेल दुर्घटना राहत और बचाव कार्य के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए  उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर की ओर से मॉकड्रिल किया गया.