Rajasthan: 'बॉटल फॉर चेंज' की पहल के तहत 1175 किलोग्राम के प्लास्टिक का उपयोग कर बनाई 15 बेंचेज

Jaipur News: डॉ. पवन ने कहा कि संस्था का यह प्रयास सर्कुलर इकोनॉमी का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें फेंके गए प्लास्टिक को उपयोगी और रोजमर्रा के उत्पादों में बदला जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
प्लास्टिके की बॉटल से बना दीं बेंचेज़

Bottle for Change: जयपुर में 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित हुए खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान बिसलेरी टीम की ओर से 1175 किलोग्राम के प्लास्टिक की बोतलों को एकत्रित कर रिसाईकिलिंग के माध्यम से 15 बेंचेंज का निर्माण कर राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की सुर्पुद की गई. 

शासन सचिव-युवा मामले एवं खेल विभाग तथा अध्यक्ष, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद डॉ. नीरज कुमार पवन ने बिसलरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह हरित खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में हमारी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इसके अलावा यह कोशिश बेंच ऑफ ड्रीम्स कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करते हुए पुनर्चक्रमण और सतत् जीवनशैली की संस्कृति को प्रेरित करेगा.

सर्कुलर इकोनॉमी का बेहतरीन उदाहरण

डॉ. पवन ने कहा कि संस्था का यह प्रयास सर्कुलर इकोनॉमी का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें फेंके गए प्लास्टिक को उपयोगी और रोजमर्रा के उत्पादों में बदला जाता है. इस मौके पर सीएसआर एक्जीक्यूटिव वीनी भारद्धाज को राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के द्वारा इस पहल की सराहना करते हुए प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.

60 किलों के प्लास्टिक ढ़क्कन से बनाई बेंच

खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन के दौरान पीने के पानी की बोतलों को एकत्रित कर 60 किलो के बोतलों के ढ़क्कन को रिसाईकिलिंग कर एक बेंच का निर्माण किया गया. बेंच पर अन्तर्राष्ट्रीय संस्था माउथ एंड फुट पेंटिग आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के प्रतिभाशाली कलाकारों के द्वारा अनोखी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- नीरजा मोदी स्कूल मामले में CBSE ने 170 पेज का जवाब HC में किया पेश, अमायरा हो रही थी बुलिंग का शिकार