राजस्थान में गुरुवार को अलग-अलग जिलों में एसीबी ने कार्रवाई की है. डूंगरपुर में एक ग्राम विकास अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ तो भीलवाड़ा में संस्थापन अधिकारी को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया. आरोपी फर्म का ठेका निरस्त नहीं करने और ठेके को सुचारू रूप से चालू करने की एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था. जिसके बाद वह घूस के 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों एसीबी द्वारा गिरफ्तार हुआ है. फिलहाल एसीबी की टीम उससे पूछताछ कर रही है.
महाविद्यालय से जुड़े काम का था ठेका
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को एक शिकायत मिली थी, जिसमें परिवादी ने बताया कि उसकी एक फर्म है, जो किसी भी संस्थान में सिक्योरिटी गार्ड समेत अन्य कर्मचारियों को जरूरत पर लगाती है. उसने कहा कि माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय भीलवाड़ा में लगाए गए सिक्योरिटी गार्ड, कम्प्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मचारी की निविदा महाविद्यालय से स्वीकृत की गई.
चौकीदार के गैरहाजिर पर निरस्त किया था ठेका
जिसके बाद उसकी फर्म ने ही महाविद्यालय में इन कर्मचारियों को उपलब्ध करवाया. इसके बाद रविवार को संस्थापन अधिकारी के पद पर तैनात शिव नुवाल रविवार को महाविद्यालय पहुंचा था. इस दौरान चौकीदार के ड्यूटी से गायब रहने पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल ने फर्म का ठेका निरस्त करने के लिए पत्र जारी किया गया था.
40 हजार की रिश्वत लेते आरोपी शिव नुवाल गिरफ्तार
जिस पर आरोपी शिव नुवाल ने फर्म का ठेका निरस्त नहीं करने और ठेका को चालू रखने की एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत मांगने लगा. इसके बाद परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी. रिश्वत मांग की शिकायत का सत्यापन होने के बाद गुरुवार को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी शिव नुवाल को परिवादी से 40,000 रूपये लेते गिरफ्तार किया गया है.