Rajasthan News: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को डूंगरपुर (Dungarpur) जिले में दोवड़ा थाने (Dovda Police Station) के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कांस्टेबल प्रकाश चंद्र पटेल को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. आरोपी रिश्वत लेने के बाद कार से मौके से भाग गए थे, लेकिन एसीबी की टीम ने उन्हें एक होटल के पास रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल रिश्वत की राशि उनसे बरामद नहीं हुई है. आरोपियों ने लोकेट ऐप के जरिए ठगी के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करने के एवज में यह राशि ली थी.
कैसे बुना गया वसूली का जाल?
डूंगरपुर एसीबी की टीम ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के निर्देशन में हुई. 28 जनवरी को एक परिवादी ने एसीबी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया कि 18 जनवरी को दोवड़ा थाना पुलिस ने उसे जबरन कार में बैठाया, मोबाइल छीन लिया और धमकी दी कि अगर वह ऑनलाईन गेम से जुड़ी ठगी में फंस गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा. आरोपी पुलिसकर्मियों ने परिवादी को यह कहते हुए डराया कि यदि वह रिश्वत नहीं देगा तो जमानत मुश्किल हो जाएगी. इस डरावनी परिस्थिति में दोनों पुलिसकर्मियों ने बाद में रिश्वत की मांग 2 लाख रुपये से घटाकर 1.50 लाख रुपये कर दी.
28 जनवरी को गोपनीय सत्यापन
शिकायत के बाद एसीबी ने 28 जनवरी को गोपनीय सत्यापन किया. जांच में पुष्टि हुई कि दोनों आरोपी रिश्वत मांग रहे थे. एसीबी टीम ने ट्रैप ऑपरेशन किया और आरोपियों को डेढ़ लाख रुपये के साथ कार में बिठाकर दोवड़ा थाने के पास भेजा. जैसे ही आरोपी कार लेकर थाने के पास पहुंचे, दोनों भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन एसीबी ने देर रात आसपुर रोड पर एक होटल के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, रिश्वत की राशि अभी तक बरामद नहीं हुई है. एसीबी की टीम अब राशि बरामदगी के प्रयास कर रही है और दोनों से पूछताछ जारी है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी हाथ नहीं लगी है.
डूंगरपुर में एसीबी चौकी प्रभारी रतन सिंह राजपुरोहित ने NDTV राजस्थान से बातचीत में कहा, 'हम पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं और रिश्वत की पूरी राशि बरामद करने का प्रयास जारी है. ऐसे मामलों में कोई समझौता नहीं होगा.'
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