Rajasthan News: कांग्रेस-भाजपा की जैसे-जैसे उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो रही है, वैसे-वैसे विरोध के स्वर भी मुखर होते जा रहे हैं. कांग्रेस-भाजपा से बागी हुए नेता चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. चित्तौड़गढ़ जिले में भी बड़ीसादड़ी और कपासन में कांग्रेस से बागी होते दिखाई दे रहे हैं. कपासन सीट से कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज आनंदी राम खटीक (Anandi Ram Khatik) ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ज्वॉइन कर ली है. आरएलपी ज्वॉइन करने के बाद आनंदी राम खटीक को कपासन से आरएलपी से उम्मीदवार बनाया गया है.
कपासन में होगा कड़ा मुकाबला
2018 में कांग्रेस पार्टी ने आनंदी राम को कपासन से प्रत्याशी बनाया था. इस बार कपासन से पूर्व विधायक शंकर लाल बैरवा को टिकट मिलने से आनंदी राम खटीक व उनके समर्थक ने विरोध जताया और गुरुवार को आरएलपी को सदस्यता ग्रहण की और कुछ ही देर बाद उन्हें कपासन से टिकट मिल गया. कांग्रेस से बैरवा को टिकट मिलने के बाद उनके समर्थक मान रहे थे कि विरोध के बाद उन्हें कांग्रेस से टिकट को चेंज कर आनंदी राम को टिकट मिल जाएगा. लेकिन अब यह साफ हो गया कि आनंदी राम आरएलपी से चुनाव लड़ेंगे. कपासन सीट पर कांग्रेस-भाजपा के बीच इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. आनंदी राम खटीक ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है. ऐसे में अब कपासन सीट भी रोचक होने जा रही है.
बेनीवाल ने पहले दिया था इशारा
आरएलपी के अध्यक्ष हुनमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने पहले ही कह दिया था कि कांग्रेस और भाजपा के बड़े जनाधार वाले बागियों को टिकट देंगे. कांग्रेस व भाजपा की लिस्ट आने के बाद उनमें बगावत के सुर उठाने वाले को हनुमान बेनीवाल ने मौका दे दिया और कांग्रेस- भाजपा के बीच त्रिकोणीय संघर्ष के लिए उम्मीदवार मैदान में उतार दिए. आरएलपी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस-भाजपा के सामने उनके ही बागियों को पार्टी में शामिल कर मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ऐसे ही कांग्रेस के सदस्य रहे रेवतराम पंवार ने हाल ही में कांग्रेस को अलविदा कहा और आरएलपी में शामिल हुए. पार्टी में शामिल होते ही उन्हें कोलायत सीट से आरएलपी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है. इस सीट पर मौजूदा विधायक गहलोत सरकार में ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी हैं. अब पंवार के नाम की घोषणा के बाद भाटी के लिए मुश्किल बढ़ सकती हैं.