राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एसआईआर का मुद्दा सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, उन पर सरकार की तरफ से जवाब आए, लेकिन सरकार जवाब क्या दे रही है? जब भी सवाल पूछा जाता है तो कहते हैं कि कांग्रेस समय में ऐसा हो रहा था. जूली ने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि मैं एक विशेष बात की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा. उन्होंने पूछा, "फर्जी फॉर्म तहसीलों के अंदर किसने डाले? यह फॉर्म कौन देकर गया?कहीं ऐसा तो नहीं की कोई व्यक्ति दिल्ली से चार्टर प्लेन लेकर जयपुर आया हो और पेन ड्राइव में ऐसे फॉर्म दे गया हो? इस पेन ड्राइव में से फोटोकॉपी कर सभी विधानसभा में भेजी गई हो? इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए."
कांग्रेस नेता बोले- लोगों के वोट काटना गंभीर अपराध
जूली ने गुरुवार (29 जनवरी) को दिल्ली में हुई कांग्रेस बैठक का भी जिक्र किया. कांग्रेस नेता ने कहा कि हम कल हमारे आला कमान से भी मिले थे. सब लोग मिले थे, संगठन की काफी चर्चा हुई है. यह छोटा मुद्दा नहीं है, बल्कि बड़ा मुद्दा है कि जानबूझकर लोगों के वोट काटना. यह एक प्रकार का अपराध है, इसमें सजा का भी प्रावधान है. क्या सरकार इसकी जांच कराएगी?
"अभिभाषण में राज्यपाल से क्या पढ़वाया, वो बताएं"
उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठा बताते हुए भी सवाल किया. नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि सरकार ने पिछली बार बजट घोषणा की थी. पूरे साल जो काम हुआ, उसके आधार पर राज्यपाल से झूठ का पुलिंदा पढ़वाया गया. उसमें काम क्या हुए, यह बताएं?
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