'कांग्रेस राज में 12 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए' भजनलाल सरकार का विपक्ष को कड़ा संदेश

भजनलाल सरकार ने पेपर लीक के मुद्दें पर विपक्ष को कड़ा संदेश दिया. सरकार की तरफ से कहा गया कि पिछले ढाई साल में 383 भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ हुई हैं, जबकि कांग्रेस राज में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
भजनलाल सरकार का विपक्ष को कड़ा संदेश

हाल के दिनों में पेपर लीक को लेकर विरोध-प्रदर्शन और नाराज़गी ने फिर से ज़ोर पकड़ा है. ऐसे समय में राजस्थान सरकार ने एक विस्तृत बयान जारी कर बताया है कि पेपर लीक के खिलाफ अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है. सरकार के मुताबिक, पिछले ढाई साल में 383 भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ कराई गई हैं और भर्ती प्रक्रिया में सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है. दावा है कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, जिससे लाखों युवाओं के सपने टूटे.

पेपर लीक में 569 आरोपी हुए गिरफ्तार

कार्रवाई के आंकड़ों पर नज़र डालें तो अब तक पेपर लीक मामलों में 163 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसआई भर्ती अनियमितता मामले में 150 गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि 71 सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया गया है.

Advertisement

सरकार का कहना है कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 188 लोक सेवकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, 135 शारीरिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश रद्द किए गए हैं और 454 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच जारी है. ओएमआर फर्जीवाड़े, डमी अभ्यर्थियों और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी हो चुका

सरकार ने यह भी कहा है कि पिछले ढाई साल में 1.78 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं, करीब 1 लाख भर्तियां फिलहाल प्रक्रियाधीन हैं और 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जा चुका है. राजस्थान सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है, युवाओं का भरोसा लौट रहा है और पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. 

याद दिला दें कि 2023 के विधानसभा चुनाव में अशोक गहलोत सरकार के दौरान हुए पेपर लीक बीजेपी का बड़ा चुनावी मुद्दा थे. सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी पहली बड़ी घोषणाओं में से एक के तौर पर पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. सरकार का कहना है कि उसकी नीति शुरू से ही "पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस" की रही है.

यह भी पढे़ं-

"देश में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है", सच‍िन बोले- युवाओं के भव‍िष्‍य से ख‍िलवाड़

मानसून रूठा तो पुरुषों के वेश में निकलीं महिलाएं, बारिश की कामना के लिए इस गांव में निभाई जाती है अनोखी परंपरा

Advertisement