टीकाराम जूली ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया झूठ का पुलिंदा, बोले- किरोड़ीलाल यह जानते हैं, वो हंस रहे थे

टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार के कामकाज पर तीखी टिप्पणी करते हुए अभिभाषण पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ईआरसीपी पर कुछ नहीं बोले, क्योंकि कुछ काम ही नहीं हुआ.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
कांग्रेस विधायकों ने हाथों में फावड़ा, गैंती और तगारी लेकर पैदल मार्च किया.

Rajasthan Budget session 2026: राजस्थान विधानसभा में बुधवार (28 जनवरी) को दिए राज्यपाल के अभिभाषण को टीकाराम जूली ने झूठा बताया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभिभाषण के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा मुस्करा रहे थे, क्योंकि राज्यपाल से झूठ बुलाया गया. इस दौरान उन्होंने सरकार के कामकाज पर हल्ला भी बोला. जूली ने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे कोई काम नहीं हुआ और ईआरसीपी पर कुछ नहीं बोले. क्योंकि कुछ हुआ ही नहीं है.

कानून-व्यवस्था भी बिगड़ी हुई है- जूली

अभिभाषण के तमाम बिंदुओं पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, "समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हुई. कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है. लखपति दीदी के लिए 270 करोड़ रुपए का ऋण दिया. पूरा अभिभाषण झूठ का पुलिंदा है और सरकार फेल हो गई है."

परिसीमन के मुद्दे पर भी घेरा 

वहीं, बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने 'मनरेगा' का नाम बदलने और 'राइट टू वर्क' के हनन का आरोप लगाया. इस दौरान जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने हाथों में फावड़ा, गैंती और तगारी लेकर पैदल मार्च भी किया. टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मजदूर के काम का हक छीना जा रहा है और मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को खत्म करने की साजिश रची जा रही है.

परिसीमन के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा, "गलत तरीके से किया जा रहा है और गुमराह किया जा रहा है. इन्हें कोर्ट भी राहत नहीं दे रहा है. बाड़मेर का हिस्सा बालोतरा में कर दिया, पहले 70 किलोमीटर था, अब 170 किमी दूर है."

Advertisement

यह भी पढ़ेंः "कांग्रेस के एक गुट के खिलाफ दूसरे गुट का प्रदर्शन", हरीश चौधरी समेत कई नेताओं का धरना, बीजेपी ने कसा तंज