इंटरनेशनल एमएसएमई डे (International MSME Day) पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME के तहत आने वाले हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि हस्तशिल्प और सूक्ष्म उद्यमों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर हाटों का विकास और संचालन किया जाएगा. पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में हाट विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही पंच गौरव से जुड़े प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना के तहत भी उद्यमियों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा.
कैपिटल सब्सिडी की अवधि घटाई जाएगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत एमएसएमई को मिलने वाली कैपिटल सब्सिडी की अवधि 10 वर्ष से घटाकर 7 वर्ष कर दी जाएगी, जिससे उद्यमियों को वित्तीय सहायता जल्द उपलब्ध हो सके. इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने रिप्स-2024 में चयनित कंपोनेंट श्रेणियों के लिए न्यूनतम निवेश सीमा 30 करोड़ रुपये से घटाकर 15 करोड़ रुपये करने की घोषणा की. इसके अलावा, अब निवेशकों को अधिकतम तीन चरणों के बजाय पांच चरणों में निवेश करने की अनुमति मिलेगी.
महिला-दिव्यांगों के लिए बढ़ाया मासिक भत्ता
कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए मासिक भत्ते को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है. वहीं, राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से इस वर्ष 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. सीएम भजनलाल ने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी. कार्यक्रम में एमएसएमई से जुड़े उद्यमियों को अच्छा काम करने के लिए मुख्यमंत्री ने अनुदान राशि और प्रोत्साहन के डमी चेक भी दिए.
'लोन की बेहतर फैसिलिटी मुहैया कराई गई'
मुख्यमंत्री ने सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत आर्थिक मदद लेकर अपना खुद का कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों से संवाद किया. उनसे यह भी जाना कि उनके नए वेंचर में कितने लोगों को रोजगार दिया गया है? इस दौरान एमएसएमई को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर है. उन्होंने कहा कि उद्यमियों के लिए लोन की बेहतर फैसिलिटी मुहैया कराई गई है, तो साथ ही रीको इंडस्ट्री के कैटालिस्ट के रूप में काम कर रहा है.
उन्होंने पीएम मोदी के विजन और मुख्यमंत्री की अगु वाई में राज्य में चल रहे काम का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान देश के औद्योगिक मानचित्र पर उभरता जा रहा है. इस मौके पर उद्योग राज्य मंत्री के के विश्नोई ने कहा कि समाज में नारी शक्ति भी औद्योगिक क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा रही है. उन्होनें कहा कि लखपति दीदी समेत दूसरे कार्यक्रमों से महिला उद्यमियों को संबल मिला है. प्रदेश में सबसे ज्यादा लोग खेती से जुड़े हुए हैं, लेकिन वह लोगों की आमदनी का इंडिपेंडेंस जरिया है. खेती के बाद अगर उद्योग की नजर से देखें तो सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र एमएसएमई माना जाता है. ऐसे में सरकार इस क्षेत्र पर फोकस करके लगातार एमएसएमई को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है.
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