Congress Rally: कांग्रेस की महारैली के लिए गहलोत, पायलट और डोटासरा जुटे, रंधावा बोले- लंबी लड़ाई के लिए रहें तैयार

Jaipur News: पार्टी पदाधिकारियों ने बैठक में SIR प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा भी की. बूथ स्तर पर नियुक्त कांग्रेस के सभी बीएलए को सौंपे गए कार्यों पर भी चर्चा की.

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राजस्थान कांग्रेस कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक हुई.

Rajasthan Congress meeting on SIR: दिल्ली में 14 दिसंबर को होने वाली “वोट चोर-गद्दी छोड़” महारैली के लिए राजस्थान कांग्रेस कमेटी ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस रैली को लेकर पार्टी के पदाधिकारियों की शनिवार (29 नवंबर) को जयपुर में बैठक हुई. बैठक में SIR प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा करते हुए बूथ स्तर पर नियुक्त सभी बीएलए को सौंपे गए कार्यों पर भी चर्चा की. प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में इस बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल हुए. डोटासरा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान बहुत अधिक संख्या में मतदाता प्रपत्र बिना जमा किए (अनकलेक्टेड) बताए गए हैं.

लाखों नाम सूची से हटाए जा सकते हैं- कांग्रेस

इस बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ नेता ने आंतरिक आकलन का हवाला देते हुए कहा, कि यह कोई सामान्य पुनरीक्षण नहीं है. हमें ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. गहलोत ने भी कहा कि आज देश का लोकतंत्र खतरे में है, देश किस दिशा में जा रहा है, यह किसी को नहीं पता. ऐसे में लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी कांग्रेसजनों को एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में शामिल होना पड़ेगा.

कांग्रेस के मजबूत बूथों से नाम काटने की तैयारी- डोटासरा

पीसीसी चीफ ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस की तरफ झुकाव वाले समुदायों को निशाना बनाकर मतदाता सूची पर असर डालने की कोशिश कर रही है. डोटासरा ने कहा, "इन मतदाताओं की समीक्षा और जानकारी कांग्रेस के स्थानीय बीएलए को करनी होगी. ऐसा नहीं होने पर भाजपा निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर कांग्रेस के मजबूत बूथों से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवा देगी. इसे रोकने का दायित्व सभी कांग्रेसजनों पर है.   

यह एक दिन की लड़ाई नहीं- रंधावा

रंधावा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुशासन में रहने और इसे एक दिन के अभियान के बजाय लंबी लड़ाई मानने की बात कही. पायलट ने भी इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम मुद्दा बताते हुए कहा कि अगर मतदाताओं के नाम हटा दिए गए तो चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि गरीब, दलित, आदिवासी और बुज़ुर्ग मतदाताओं से उनके मतदान का अधिकार न छिने.

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