भारतीय होम्योपैथी की गौरव यात्रा को नया मुकाम देते हुए बर्नेट होम्योपैथी ने गोवा के एक होटल में एविडेंस-बेस्ड रिसर्च समिट 2025 का भव्य आयोजन किया. इसमें भारतीय परंपरा और आधुनिक विज्ञान के संगम की गूंज सुनाई दी. आयोजन में देश भर के होम्योपैथी के डॉक्टर शामिल हुए. बात राजस्थान की करें तो इसमें जोधपुर के डॉ. रावत चौधरी ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के संदेश से हुआ. उन्होंने कहा कि भारत वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का केंद्र रहा है और अब समय आ गया है कि इन पद्धतियों को शोध और प्रमाण के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया जाए.
समिट में सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली भी शामिल हुए. इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय “होम्योपैथिक गौरव यात्रा” रहा. 30 से अधिक शोध प्रस्तुतियों में नैदानिक आंकड़े, केस स्टडीज़ और मेटा-विश्लेषण शामिल किए गए, जिनसे यह सिद्ध हुआ कि बच्चों के रोग, मानसिक स्वास्थ्य और पुरानी बीमारियों के उपचार में होम्योपैथी की प्रभावशीलता स्पष्ट है.
बर्नेट होम्योपैथी के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. नितीश चंद्र दुबे ने कहा कि यह समिट भारतीय होम्योपैथी के पुनर्जागरण का प्रारंभ है. परंपरा को विज्ञान से जोड़कर विश्व मंच पर एक नए युग की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने इसे केवल सम्मेलन नहीं बल्कि एक क्रांति करार दिया.
कार्यक्रम में यूरोप और अमेरिका की कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त शोध, तकनीकी निदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणाएं की गईं. सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अगला एविडेंस-बेस्ड रिसर्च समिट ब्रिटेन की संसद में आयोजित होगा, जो भारतीय होम्योपैथी की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है.