Rajasthan: घरेलू गैस की कीमतों में भारी उछाल, सदन में ज़ोरदार हंगामा; कांग्रेस ने सरकार को घेरा 

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रसोई गैस की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया. जूली ने कहा कि घरेलू सिलेंडर के दाम 80 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर के दाम 120 रुपये बढ़ गए हैं.

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Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को रसोई गैस की बढ़ी कीमतों का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा. प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर सरकार को घेरा. इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा और नेता प्रतिपक्ष के बीच बहस भी देखने को मिली. सरकार ने जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का हवाला दिया, वहीं विपक्ष ने आम जनता को राहत देने की मांग उठाई.

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रसोई गैस की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया. जूली ने कहा कि घरेलू सिलेंडर के दाम 80 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर के दाम 120 रुपये बढ़ गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हालात ऐसे हैं कि गैस बुकिंग पर 25 दिन तक की वेटिंग चल रही है. ऐसे में सरकार क्या बढ़ी हुई कीमतों का बोझ खुद उठाकर जनता को राहत देगी.घरेलू सिलेंडर के दाम 80 रुपये और कमर्शियल के 120 रुपये बढ़ गए हैं. बुकिंग पर 25 दिन तक की वेटिंग चल रही है. क्या सरकार इस बढ़ी हुई कीमत का बोझ खुद उठाकर जनता को राहत देगी.

कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से प्रभावित होती हैं- मंत्री गोदारा

नेता प्रतिपक्ष के सवाल का जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से प्रभावित होती हैं और वहीं की परिस्थितियों के आधार पर तय होती हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आमजन को गैस की किल्लत नहीं होने देगी. नेता प्रतिपक्ष विद्वान हैं. उन्हें पता होगा कि गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होती हैं और वहां कीमतें बढ़ी हैं. लेकिन हम आमजन को गैस की किल्लत नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े.

मंत्री सुमित गोदारा ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 1 करोड़ 8 लाख 37 हजार 942 परिवार शामिल हैं. इनमें से 68 लाख 46 हजार परिवारों की एलपीजी सीडिंग हो चुकी है और 61 लाख 6 हजार 474 परिवार मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का सीधा लाभ ले रहे हैं.

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प्रश्नकाल को प्रश्नकाल ही रहने दीजिए- स्पीकर

सदन में बढ़ती नोकझोंक पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कड़ी आपत्ति जताई और सदस्यों को संयम बरतने की नसीहत दी. यह बर्दाश्त नहीं होगा. आप सवाल पूछिए लेकिन बिना वजह विवाद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. प्रश्नकाल को प्रश्नकाल ही रहने दीजिए. गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर विधानसभा में हुई बहस ने एक बार फिर महंगाई और राहत के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है. विपक्ष जहां जनता को राहत देने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद आमजन तक गैस की आपूर्ति और सब्सिडी सुनिश्चित की जाएगी.