पेपर लीक मामले में 5 हजार की इनामी कोमल मीणा गिरफ्तार, पौरव कालेर गैंग से है कनेक्शन

14 मई 2023 को ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा हुई थी. इसमें पेपर लीक और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल का मामला सामने आया था. इस मामले के पीछे पौरव कालेर गैंग का हाथ होने की बात सामने आई.

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राजस्थान ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा-2022 में पेपर लीक मामले में एक्शन.

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह पर एसओजी की कार्रवाई लगातार जारी है. एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा-2022 में धांधली की आरोपी निवाई (टोंक) निवासी कोमल मीणा को गिरफ्तार किया है. मामला ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल से जुड़ा है. इस मामले में नाम सामने आने के बाद से आरोपी फरार चल रही थी. उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. लंबे समय तक सर्च के बाद एसओजी ने मंगलवार (27 जुलाई) को गिरफ्तार किया गया है.

रिश्तेदार के घर छुपी थी कोमल

एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले में एसओजी थाना जयपुर में मुकदमा संख्या 66/2024 दर्ज है. इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2022 के तहत कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तारी के समय वह जोधपुर जिले के नागौर क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के यहां छिपी हुई थी. लंबे समय से फरार रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

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पौरव कालेर और उसके चाचा ने बनाया था गिरोह

जांच में सामने आया कि अजमेर की अभ्यर्थी पौरव कालेर ने चाचा तुलछाराम कालेर के साथ मिलकर संगठित नकल गिरोह बनाया था. गिरोह ने 14 मई 2023 को आयोजित ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक कर मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए. इस मामले की जांच महानिरीक्षक एसओजी उमेशपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की जा रही है. अब तक इस प्रकरण में कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

7 लाख रुपये में हुआ था सौदा

पूछताछ में सामने आया कि कोमल वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. उसने 14 मई 2023 को ईओ/आरओ परीक्षा दी. पौरव कलेर और तुलछाराम कलेर की मदद से मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर परीक्षा दी और उत्तीर्ण भी हो गई. नकल कराने की एवज में कोमल और पौर्वव कलेर के बीच 7 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. हालांकि गिरफ्तारी से पहले ही आरोपी गिरोह फरार हो गया. एसओजी अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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