Monu manesar Bail News: राजस्थान के बहुचर्चित नासिर-जुनैद हत्याकांड( Nasir Junaid Murder Case) में आरोपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर को बड़ी कानूनी राहत मिली है. राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर बेंच ने करीब ढाई साल से जेल में बंद मोनू मानेसर की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. जस्टिस अनिल कुमार उपमन की अदालत ने 5 मार्च 2026 को यह फैसला सुनाया. मोनू मानेसर सितंबर 2023 से जेल में बंद था. फैसले के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.
क्यों मिली मोनू मानेसर को जमानत?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि घटना के समय मोनू मानेसर मौके पर मौजूद नहीं था. कोर्ट ने पाया कि इस मामले में अभी तक 74 गवाहों में से किसी का भी बयान दर्ज नहीं हुआ है और मुकदमा लंबा खिंचने की संभावना है. इसके साथ ही, मामले के एक अन्य सह-आरोपी अनिल कुमार को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिसे आधार बनाते हुए कोर्ट ने मोनू को भी राहत दी.
क्या था नासिर-जुनैद हत्याकांड?
मोनू मानेसर गुरुग्राम के मानेसर का रहने वाला है और खुद को 'गौ रक्षक' बताता है. यह मामला फरवरी 2023 का है. राजस्थान के डीग जिले के घाटमीका गांव के रहने वाले नासिर (25) और जुनैद (35) का अपहरण किया गया था. 16 फरवरी 2023 को हरियाणा के भिवानी में एक जली हुई बोलेरो गाड़ी के भीतर दोनों के कंकाल मिले थे. परिजनों का आरोप था कि 'गौ रक्षकों' ने गौ-तस्करी के शक में उन्हें जिंदा जला दिया. इस मामले में राजस्थान पुलिस ने मोनू मानेसर सहित 21 लोगों को नामजद किया था.
नूंह हिंसा और गिरफ्तारी का सफर
मोनू मानेसर केवल इस हत्याकांड ही नहीं, बल्कि हरियाणा के 31 जुलाई 2023 को नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के चलते भी सुर्खियों में रहा था. आरोप था कि उसके भड़काऊ वीडियो ने इलाके में तनाव पैदा किया था, जिसके कारण वहां का माहौल बिगड़ा था. लंबी लुका-छिपी के बाद 12 सितंबर 2023 को गुरुग्राम पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर राजस्थान पुलिस को सौंपा था.
बजरंग दल की ईकाई का था प्रमुख चेहरा
मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर बजरंग दल की हरियाणा इकाई का एक प्रमुख चेहरा रहा है. वह हरियाणा सरकार की 'गौ संरक्षण टास्क फोर्स' का भी हिस्सा रह चुका है। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो पोस्ट करने और गौ-तस्करों का पीछा करने के चलते वह हमेशा विवादों और चर्चाओं के केंद्र में रहा. उस पर हत्या के प्रयास और भड़काऊ पोस्ट के अन्य मामले भी दर्ज थे, जिनमें उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है. जिसमें नूंह हिंसा मामले में भी नूंह कोर्ट ने उसे अक्टूबर 2023 और फरवरी 2023 में पटौदी में हुई गोलीबारी के मामले में गुरुग्राम अदालत ने जनवरी 2024 में उसे जमानत दे दी थी.
अगले 24 से 48 घंटों में जेल से आ जाएगा बाहर
फिलहाल मोनू मानेसर भरतपुर की सेवर जेल में बंद है. अदालती आदेश की प्रति जेल प्रशासन तक पहुंचने और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में वह जेल से बाहर आ जाएगा.
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