राजस्थान में अब LDC परीक्षा सवालों के घेरे में, क्यों मचा बवाल? SOG से जांच की उठी मांग

राजस्थान में LDC परीक्षा को लेकर नया बवाल शुरू हो गया है. कांग्रेस के तमात नेता LDC परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए SOG की जांच की मांग कर रहे हैं. फिलहाल प्रशासन ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी है. अंतिम फैसला बोर्ड की तरफ से ही लिया जाएगा.

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राजस्थान में अब LDC परीक्षा सवालों के घेरे में

राजस्थान में रविवार को आयोजित LDC परीक्षा के दौरान अनियमितता के आरोप लगे हैं. LDC अभ्यर्थियों ने दावा किया कि चलती परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष की खिड़की से पेपर बाहर भेजा गया है. इसको लेकर सोमवार को छात्र विरोध प्रदर्शन पर उतर गए और LDC परीक्षा में अनियमितता की SOG से जांच की मांग की. विरोध प्रदर्शन में शामिल NSUI के छात्र नेताओं ने पर्यवेक्षकों और परीक्षा कार्मिकों की भूमिका जांचने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. छात्र नेताओं ने इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य का दिया हवाला. LDC परीक्षा में अनियमितता के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सालेह मोहम्मद समेत तमाम कांग्रेस नेताओं ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है. 

प्रश्नपत्र बाहर ले जाने का आरोप

दरअसल, रविवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की ओर से आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा (LDC) के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी की कथित रूप से मदद कराने और प्रश्नपत्र बाहर ले जाने की आशंका ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. NDTV को मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर कुल 10 कमरों में दो पारियों में 240 अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की गई थी.

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विवाद रूम नंबर-10 में हुआ, जहां रोल नंबर 1775145 से 1775168 तक के 24 अभ्यर्थी बैठे थे. इसी कमरे में मौजूद एक अभ्यर्थी को कथित रूप से रिलीवर द्वारा मदद पहुंचाने का आरोप अन्य अभ्यर्थियों ने लगाया.

सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद केंद्र पर मौजूद रिलीवर, विक्षक और केंद्र अधीक्षक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई. पहले शिकायत को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन मामला प्रशासन तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) परसाराम और पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा ड्यूटी पर लगे कार्मिकों को रोककर पूछताछ की. संबंधित अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए गए और CCTV फुटेज भी खंगाले गए. अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम ने NDTV से कहा कि पेपर लीक जैसा कोई मामला नहीं है. कुछ अभ्यर्थियों ने नकल या किसी अभ्यर्थी की मदद किए जाने संबंधी शिकायत की थी. हमने पूरी जानकारी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी है. अब इस संबंध में वही अधिक जानकारी दे पाएंगे.

स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, जैसलमेर

स्कूल के प्राचार्य बोले- अभ्यर्थी की OMR शीट जांच की 

स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के प्राचार्य व केंद्र अधीक्षक उम्मेद सिंह राठौड़ ने फोन पर बताया कि बच्चों का ऑब्जेक्शन था कि पेपर सेंटर से बाहर गया है, जबकि ऐसा कुछ नहीं था. कमरे में थोड़ी आवाज हुई तो मैं वहां गया और बच्चों से बात की. जिस अभ्यर्थी को लेकर शिकायत थी, उसके पूरे पेपर और OMR शीट की जांच की गई, जो सही पाए गए. बार-बार आपत्ति आने पर उच्च अधिकारी आए और अभ्यर्थियों के बयान लेकर गए.
उन्होंने आगे कहा कि CCTV का एक्सेस कंट्रोल रूम के पास है. कंट्रोल रूम कहां संचालित हो रहा था, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.

शिक्षकों पर उस समय कोई आरोप नहीं लगाए गए थे, लेकिन रिलीवर पर जरूर आरोप लगे थे. पूरा घटनाक्रम रूम नंबर-10 में हुआ था. संबंधित अभ्यर्थियों के रोल नंबर मैंने अपनी रिपोर्ट में दर्ज कर उच्चाधिकारियों को भेज दिए हैं. रिलीवर का नाम पदम सिंह है.

पूरे घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर NDTV को बताया कि शाम करीब पांच बजे फ्लाइंग टीम परीक्षा केंद्र पहुंची थी. उस समय रूम नंबर-10 के एक अभ्यर्थी ने शिकायत की कि करीब चार बजे रोल नंबर 1775156 पर बैठी अभ्यर्थी का प्रश्नपत्र रिलीवर बाहर लेकर गया था. पहले केंद्र अधीक्षक को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद फ्लाइंग टीम ने लोकल कंट्रोल रूम और नोडल अधिकारी ADM परसाराम को सूचना दी. शिकायत मिलने पर संबंधित अभ्यर्थियों के बयान लिए गए और संदिग्ध अभ्यर्थी का प्रश्नपत्र व OMR शीट अलग सुरक्षित रख ली गई. 

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजी रिपोर्ट

जिस रिलीवर पदम सिंह पर आरोप लगे हैं, वे राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जैसलमेर में वरिष्ठ अध्यापक हैं. NDTV ने उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की. जिला ुप्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर कहा कि एलडीसी परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल जैसलमेर स्थित परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा कक्ष में उपस्थित एक छात्रा का पेपर परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने के संबंध में अभ्यर्थियों द्वारा की गई शिकायत के सम्बन्ध में पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर को प्रेषित कर दी है. अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी ने बताया कि मामले के सम्बन्ध में अभ्यर्थियों से प्राप्त शिकायत और सतर्कता दल की रिपोर्ट, संबंधित शिक्षकों व परीक्षा केन्द्रों से जुड़े कार्मिकों से पूछताछ की गई. रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर को भेज दी गई है. इस प्रकरण में अंतिम निणर्य कर्मचारी चयन बोर्ड स्तर से लिया जाना है.

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कांग्रेस हुई हमलावर

उधर कांग्रेस महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में LDC परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई शिकायतें और परीक्षा की शुचिता भंग होने के लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. जबकि अशोक गहलोत ने LDC परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर राजस्थान की भाजपा सरकार को जमकर घेरा है. उन्होंने कहा कि अब LDC भर्ती परीक्षा में जैसलमेर में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं पर यह तय है कि अपनी इमेज बनाने में लगी भाजपा सरकार इसे भी छिपा जाएगी और सच कभी युवाओं के सामने नहीं आएगा.

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