राजस्थान के सरकारी स्कूलों की योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है. स्कूलों के लिए सप्लाई किए गए दूध पाउडर को अवैध रूप से बाहर ले जाने के मामले में एक्शन लिया गया है. इस प्रकरण में राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) ने एफआईआर दर्ज करवाई है. जयपुर के सामोद थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
RCDF ने दर्ज करवाई एफआईआर
दरअसल, पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत स्कूलों में मिड-डे मील के लिए दुग्ध पाउडर सप्लाई किया जाता है. चौमूं (जयपुर) के सामोद क्षेत्र में 3,000 किलो सरकारी दूध पाउडर की कालाबाजारी और उसे बाजार में बेचने का मामला सामने आया. पुलिस ने चीथवाड़ी गांव में छापेमारी कर दूध पाउडर से भरी एक पिकअप गाड़ी जब्त की और 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया.
सीएम का साफ संदेश- भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार (29 जुलाई) को मुख्यमंत्री कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक भी की. इसमें मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद थे. अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, पंचायतीराज, स्वायत्त शासन, नगरीय विकास और आवासन, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, वित्त, ग्रामीण विकास विभागों सहित संबंधित उच्च अधिकारी मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक
सीएम ने साफ किया कि राज्य सरकार ईमानदार कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा. साथ ही भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है. उन्होंने लोक कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए विभागों में रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि आमजन से जुड़े कार्यों में कोई रूकावट ना हो.
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