बालोतरा जिले के नायब तहसीलदार मंगलाराम मेघवाल ने आत्महत्या कर ली. मंगलाराम दुदवा उप तहसील में कार्यरत था. बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार पर लाखों का कर्जा हो गया था जिसके कारण वो तनाव में थे. मंगलाराम लाखों के कर्ज से परेशान था और आत्मघाती कदम उठा लिया. नायब तहसीलदार गुड़ामालानी के रहने वाले थे. सालभर पहले ही उनका रेवेन्यू इंस्पेक्टर से नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन हुआ था, उनकी पहली पोस्टिंग दुदवा में ही हुई थी.
अटल सेवा केंद्र के बाहर टांके में कूदा
नायब तहसीलदार ने ग्राम पंचायत के अटल सेवा केंद्र के बाहर बने टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतक के कपड़ों की तलाशी में मिले सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि दुदवा गांव के किसी व्यक्ति से उसे कोई परेशानी नही है और आर्थिक कारणों से आत्महत्या कर रहा हूं. जबकि मृतक के बेटे अशोक ने बताया कि वे पतवारघर में अकेले ही रहते थे. परिवार के अन्य सदस्य गुड़ामालानी में रहते थे. जून में वो घर आये थे, प्रेशर जैसा कोई मामला नही था.
सुबह नर्स पानी लेने आई तो तैरता मिला शव
ग्रामीणों के अनुसार, नायब तहसीलदार बाजार में समान खरीदने और होटल से खाना लेने आये थे. पतवार भवन के सामने स्थित पीएचसी की नर्स टांके से पानी लेने आई तो टांके के बाहर कपड़े व जूते देखकर उसे शक हुआ, उसने टांके में देखा तो मंगलाराम का शव तैरता दिखाई दिया. नर्स गांव के प्रशासक और पुलिस को इसकी सूचना दी, जिस पर पचपदरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया.
परिजनों की मांग पर हुआ पोस्टमार्टम
शव मिलने की सूचना पर बालोतरा एसडीएम राजेश विश्नोई, तहसीलदार विशनसिंह भी दुदवा पहुंचे. टांके से शव बाहर निकलवाकर बालोतरा के जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. वहीं, परिजनों ने घटनास्थल पर परिस्थितियों पर संदेह व्यक्त करते हुए मामले की जांच की मांग की. परिजनों की मांग में मेडिकल बोर्ड गठित कर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया.
यह भी पढ़ेंः करणी सेना के अध्यक्ष का पुलिस ने पकड़ा कॉलर? राजपूत समाज में गुस्सा, खुद महिपाल मकराना ने बताई सच्चाई