Rajasthan News: बीकानेर में गर्मी के बीच नहरबंदी का ऐलान, 5 अप्रैल से 5 मई तक पानी सप्लाई प्रभावित

नहरबंदी के दौरान बीकानेर शहर में पानी की सप्लाई सीमित हो जाएगी. पूर्ण नहरबंदी की स्थिति में शहर में सात दिन लगातार पानी देने के बाद एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जाएगी.

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प्रतीकात्मक फ़ोटो

Bikaner News: बीकानेर में समय से पहले बढ़ी तेज गर्मी के साथ अब पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है. इंदिरा गांधी नहर परियोजना के रखरखाव के लिए नहरबंदी का ऐलान किया गया है, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. प्रशासन ने 21 मार्च से आंशिक और 5 अप्रैल से 5 मई तक पूर्ण नहरबंदी लागू करने का निर्णय लिया है.

नहरबंदी के दौरान बीकानेर शहर में पानी की सप्लाई सीमित हो जाएगी. पूर्ण नहरबंदी की स्थिति में शहर में सात दिन लगातार पानी देने के बाद एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जाएगी. बीकानेर शहर को प्रतिदिन करीब 145 एमएलडी पानी की आवश्यकता रहती है, ऐसे में सप्लाई व्यवस्था को संतुलित रखना जलदाय विभाग के लिए चुनौती रहेगा.

ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्गियों को भी भरा जा रहा है

जलदाय विभाग ने नहरबंदी को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है. बीछवाल और शोभासर जलाशयों को भरने का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्गियों को भी भरा जा रहा है, ताकि गर्मी के दिनों में पेयजल की कमी को कम किया जा सके और लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े.

''राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा''

इस बीच रावी-व्यास ट्रिब्यूनल की सदस्य टीम भी पंजाब से मिलने वाले नहरी पानी की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है. करीब 70 सदस्यों की टीम ने बीकानेर, छत्तरगढ़, शोभासर माइनर और बज्जू केनाल का निरीक्षण किया और इंदिरा गांधी नहर प्रणाली का अध्ययन किया. टीम ने माना कि राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है.

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नहरबंदी के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलदाय विभाग करीब 21 करोड़ रुपये के कार्य कराएगा. इन कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं और सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है. विभाग का कहना है कि इस बजट से शहरी क्षेत्रों के अंतिम छोर और ग्रामीण इलाकों तक पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे.