राजस्थान की बीकानेर पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा की फंडिंग से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है. साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि साइबर फ्रॉड की रकम को क्रिप्टो में कन्वर्ट करने के बाद रोहित गोदारा तक पहुंचाया जा रहा था. इस गिरोह से जुड़े 2 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपी मनीष स्वामी और मुकेश विश्नोई ठगी की रकम को गैंगस्टर रोहित गोदारा तक पहुंचाने का काम करते थे. इसके लिए क्रिप्टो के अलावा भी कई तरीकों का इस्तेमाल होता था.
देशभर में 23 ठगी के केस से कनेक्शन
दोनों बदमाश बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन कर चुके हैं. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलग-अलग ऐप के जरिए साइबर ठगी से प्राप्त राशि को क्रिप्टो करेंसी में बदल रहे थे. दोनों आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़े करीब 50 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ. देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की 23 शिकायतों का कनेक्शन भी इन खातों से जुड़ा पाया गया है.
पुलिस का दावा- कई बड़े खुलासे बाकी
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि सीओ शालिनी बजाज के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस ने दावा किया कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है. साइबर ठगी के इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.
फंडिंग का बड़ा नेटवर्क, मिशन मोड में बीकानेर पुलिस
पुलिस की नजर इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी है. बीकानेर पुलिस ने इस एक्शन के बाद साफ मैसेज दिया है कि साइबर अपराधियों के फंडिंग नेटवर्क पर प्रहार जारी रहेगा. साइबर ठगी से अर्जित रकम को छिपाने या अपराधी गिरोहों तक पहुंचाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा.
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