राजस्थान में जनगणना का पहला चरण यानी मकान की सूचीकरण का काम पूरा हो चुका है. राजधानी जयपुर में जनगणना के जो आकड़ें सामने आए, वो बेहद रोचक है. ये आंकड़ें ना सिर्फ बढ़ती आबादी को बताते हैं, बल्कि शहर में बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, मकान और परिवारों का पैटर्न भी समझने के लिए काफी है. नए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2011 की तुलना में शहर की आबादी करीब 33 प्रतिशत बढ़ी है. 2011 में शहर की जनसंख्या 36 लाख थी, वह अब बढ़कर करीब 47.87 लाख हो गई है.
जयपुर में 15.79 लाख मकान
मकानों की संख्या करीब ढाई गुना से ज्यादा बढ़ गई है. 2011 में जयपुर शहर में 5.43 लाख मकान थे, जो अब 15.79 लाख मकान है, यानी करीब 190 प्रतिशत मकान बढ़े हैं. यह साफ दर्शाता है कि लोगों ने शहर में रियल एस्टेट में खूब इन्वेस्ट किया है. लोगों की संख्या में मकानों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो शहर की आर्थिक प्रगति का सूचकांक है. हालांकि, इन 15.79 लाख मकानों में से करीब 3.25 लाख में किरायेदार रह रहे हैं. वहीं, 3 लाख से अधिक मकान खाली पाए गए. शहर में एकल परिवारों की संख्या बढ़ रही है. जहां 2011 में हर मकान में औसतन 6 से 7 लोग रहते थे. वहीं अब हर मकान में तीन से चार लोग ही रह रहे हैं.
हवामहल क्षेत्र में रिकॉर्ड आबादी, जगतपुरा रियल एस्टेट का हब
शहर का विस्तार पुराने परकोटे से निकलकर जगतपुरा, प्रतापनगर, टोंक रोड, अजमेर रोड, महिंद्रा सेज कॉरिडोर और बाहरी इलाकों तक पहुंच चुका है. शहर अजमेर रोड, टोंक रोड और आगरा रोड की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. जोनवार आंकड़ों की बात करें तो जगतपुरा रियल एस्टेट का सबसे बड़ा हब बनता हुआ दिखाई देता है. यहां सर्वाधिक 1.61 लाख से अधिक मकान दर्ज किए गए हैं. आबादी के लिहाज से हवामहल जोन सबसे आगे है. यहां 5.46 लाख से अधिक लोग निवास कर रहे हैं. इसके अलावा आदर्श नगर, सांगानेर और मानसरोवर जैसे क्षेत्रों में भी आबादी तेजी से बढ़ी है. किशनपोल जोन में सबसे कम करीब 2.27 लाख आबादी और 86,400 मकान दर्ज किए गए हैं. तंग गलियां, ट्रैफिक जाम, शहर की भीड़-भाड़ के कारण लोग परकोटा छोड़ खुली जगहों पर मकान ले रहे हैं.
हवामहल क्षेत्र की आबादी 5.46 लाख है.
जोनवार आबादी के आंकड़ें
- हवामहल: 5,46,927
- आदर्श नगर: 4,42,702
- सांगानेर: 4,14,436
- मानसरोवर: 4,00,746
- मुरलीपुरा: 3,81,431
- जगतपुरा: 3,78,132
- वैशाली नगर: 3,75,102
- झालाना: 3,74,184
- झोटवाड़ा: 3,32,786
- मालवीय नगर: 3,32,275
- सिविल लाइंस: 3,15,288
- विद्याधर नगर: 2,76,976
- किशनपोल: 2,26,909
यह भी पढ़ेंः जयपुर में बिजनेसमैन की हत्या, कार में मिली लाश; करोड़ों के लेन-देन का विवाद