दिल्ली-महाराष्ट्र समेत देशभर में राजस्थान के 30 हजार लोगों को मिला मुफ्त इलाज, इन 2 राज्यों में नहीं है सुविधा

इस स्कीम के तहत राजस्थान के 1.36 करोड़ परिवार योग्य हैं, जो हर साल 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज करवा सकते हैं.

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राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थी देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से संबद्ध अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं. इससे पहले, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए गुजरात, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों में जाने वाले लोगों को परेशानी होती थी. इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी. अब इन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है. 

स्कीम में 1.36 करोड़ परिवारों को फायदा

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (PMJAY) से संचालित की जा रही है. अन्य राज्यों में PMJAY से संबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार का लाभ मिल रहा है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों हर साल 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क इलाज करवा सकते हैं. इस स्कीम में 2,179 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है.  

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कर्नाटक-तमिलनाडु में सुविधा नहीं

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रदेश के नागरिक को राज्य की सीमाओं से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार  मिलेगा. प्राप्त कर सके. मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है. 

अब तक इस प्रावधान के तहत 5 हजार 959 क्लेम पेश हुए हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है. कर्नाटक और तमिलनाड के अलावा सभी राज्यों में सुविधा उपलब्ध है. इन क्लेम्स के जरिए मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी, सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न जटिल उपचारों का लाभ प्राप्त किया है.

गुजरात, हरियाणा, एमपी-दिल्ली में सबसे ज्यादा क्लेम

लाभार्थियों द्वारा सर्वाधिक उपचार गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में कराया गया है. वर्तमान में इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16 हजार से अधिक सरकारी और 14 हजार से अधिक प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है. इनमें गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्यप्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823, उत्तर प्रदेश के 6,182 और दिल्ली के 184 अस्पताल शामिल हैं.

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