राजस्थान कांग्रेस के 50 नेताओं की संगठन से विदाई तय! आलाकमान से हरी झंडी, नई टीम की तैयारी में जुटे डोटासरा

बताया जा रहा है कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा नई टीम को लेकर तैयारी कर रहे हैं. आलाकमान ने निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
दिल्ली में डोटासरा और रंधावा की मुलाकात के बाद बड़े फेरबदल की संभावना है.

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी के बीच कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की कवायद तेज हो गई है. पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को साफ संदेश दिया है कि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए संगठन को सक्रिय बनाना होगा. प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से संगठन में बदलाव की चर्चा चल रही है. अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश नेतृत्व को संकेत दिए हैं कि निकाय और पंचायत चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय किया जाए. बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है और नई टीम जल्द घोषित की जा सकती है.

चुनाव के लिए कांग्रेस में नई टीम बनाने पर जोर

आलाकमान ने डोटासरा को चुनाव की रणनीति के लिए नई टीम बनाने के लिए भी कहा गया है. इसके बाद से नई कार्यकारिणी में बड़े स्तर पर फेरबदल हो सकता है. प्रदेश टीम में 50 से ज्यादा ऐसे पदाधिकारी चिन्हित किए गए हैं, जो लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय नहीं हैं. इनमें करीब 42 प्रदेश सचिवों की छुट्टी तय मानी जा रही है. इसके अलावा 14 महासचिव और 4 उपाध्यक्ष भी बदले जा सकते हैं. 

Advertisement

जिलाध्यक्ष बन चुके 11 सदस्यों को प्रदेश टीम से किया जाएगा बाहर

राजस्थान में 309 निकायों और 11 हजार 300 ग्राम पंचायतों के चुनाव होने हैं. ऐसे में कांग्रेस चुनावी मोड में संगठन को नया स्वरूप देने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस का मानना है कि चुनावी साल में सक्रिय और जवाबदेह टीम ही संगठन को मजबूती दे सकती है. पार्टी संगठन में एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 11 सदस्य पहले ही जिला अध्यक्ष बन चुके हैं. ऐसे नेताओं को संगठन में दोहरी जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है.

संगठन पूरी तरह होगा रीसेट

निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में होने वाला यह फेरबदल सिर्फ पदों का बदलाव नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अगर नई टीम जल्द घोषित होती है तो यह संदेश भी जाएगा कि कांग्रेस चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह रीसेट करने की तैयारी में है. राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव पर सबकी नजर रहेगी. क्योंकि इसकी दिशा आने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणनीति भी तय करेगी.

यह भी पढ़ेंः कानूनी लड़ाई में उलझा राजस्थान क्रिकेट का भविष्य! हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची RCA की लड़ाई