राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित किया. इस उपलब्धि के लिए राजस्थान को बधाई देते हुए कहा कि देश में लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा संकट को दूर करने का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है. देश की 90 फीसदी एलपीजी हॉर्मुज से होकर आ रही थी. अचानक युद्ध के हालातों ने इस सप्लाई को काट दिया. लेकिन राजस्थान की इस धरती ने चुनौतियों से लड़ना सिखाया है. हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के काम पर फोकस किया.
ये फैसले इतिहास का हिस्सा होंगे- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने व्यवहारिक, नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर जो संवेदनशील और दूरदर्शी फैसले लिए, वे भविष्य में इतिहास का हिस्सा बनेंगे. इन कदमों ने देश को बड़े संकट से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. भारत अपनी एलपीजी की करीब 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात से पूरी करता है और आयातित एलपीजी का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हुआ, जिससे देश में गंभीर संकट की आशंका थी.
संकट काल में एलपीजी के उत्पादन में वृद्धि
पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि अप्रैल से जून के बीच में अकेले पेट्रोल-डीजल में 75 हजार करोड़ रुपए का घाटा कंपनियों को उठाना पड़ा. यानी एक रिफाइनरी बन जाए इतना घाटा. 7 दिन के भीतर एलपीजी के उत्पादन में वृद्धि हुई. पहले 35 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता था, संकट के दौरान 54 हजार मीट्रिक टन हो गया. जिन रिफाइनरियों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, वहां भी एलपीजी का उत्पादन हुआ. साथ ही पीएनजी कनेक्शन से भी करीब 11 लाख घरों को जोड़ दिया.
54 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
इस दौरान उन्होंने राजस्थान के करीब 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे. नियुक्ति पाने वाले सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर उनके उज्ज्वल भविष्य को नई मजबूती देगा और प्रदेश के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.
यह भी पढ़ेंः जोधपुर एयरपोर्ट 20 लाख यात्रियों की मेजबानी के लिए तैयार, पहले से 7 गुना बड़ा है ₹480 करोड़ का नया टर्मिनल