सिरोही में संचालित एक हॉस्टल में 6 मासूम बच्चों के साथ कथित यौन शोषण के मामले के बाद हड़कंप मच गया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को एक गुमनाम ई-मेल में शिकायत की गई है. बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त टीम ने हॉस्टल में अचानक निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर हॉस्टल संचालक और वार्डन के खिलाफ केस दर्ज किया गया. वार्डन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. हिरासत में लेकर वार्डन से पूछताछ की जा रही है.
बच्चों ने बताई पूरी बात, मेडिकल परीक्षण में जुटी टीम
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सावित्री आनंद ने बताया की हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की उम्र 5 से 11 वर्ष के बीच है. जांच के लिए गठित टीम ने बच्चों से गोपनीय तरीके से बातचीत की, जिसमें 6 बच्चों ने यौन शोषण की शिकायत की. इसके बाद पुलिस ने सभी 30 बच्चों को निगरानी में लिया है. एक पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है, जबकि अन्य बच्चों का भी मेडिकल कराया जा रहा है. पुलिस ने हॉस्टल से 2 कंप्यूटर और पिछले एक सप्ताह की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी.
बिना अनुमति हॉस्टल संचालित हो रहा
हॉस्टल के संचालन को लेकर भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. हॉस्टल का वैध रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला है. इसके अलावा बच्चों से ली गई फीस की रसीदें, उपस्थिति रजिस्टर और कर्मचारियों के मानदेय से संबंधित कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है. अधिकारियों का मानना है कि हॉस्टल बिना आवश्यक अनुमति और नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा था.
वार्डन बच्चों को लालच देकर करता था गलत काम!
बच्चों ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि वार्डन कथित रूप से उन्हें घड़ियां, क्रिकेट का सामान और अन्य वस्तुओं का लालच देता था. पुलिस अब इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है कि कहीं बच्चों को प्रलोभन देकर लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया जा रहा था.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है. सीओ मुकेश चौधरी ने कहा की जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन और बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियां भी बच्चों की सुरक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था में जुटी हुई हैं.
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