किरोड़ी लाल मीणा का लेटर बम! एक बार फिर उठाया पेपर लीक का मुद्दा, जानिए क्यों किया सलमान खुर्शीद का जिक्र

कैबिनेट मंत्री ने सीएम को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और आरएलपी की पूर्व नेता स्पर्धा चौधरी का भी जिक्र किया.

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किरोड़ी लाल मीणा ने सीएम भजनलाल शर्मा को लिखा लेटर.

राजस्थान की सियासत में पेपर लीक का मामला एक बार फिर से गरमाने लगा है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढांका के पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. इस लेटर में कृषि मंत्री ने फुलेरा विधानसभा से आरएलपी और कांग्रेस नेता रही स्पर्धा चौधरी और कांग्रेस नेता और सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद का जिक्र किया है. उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में कहा कि 15  जुलाई 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट में सुरेश ढांका की पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद उपस्थित हुए थे. यह कानूनी व्यवस्था स्पर्धा चौधरी द्वारा की गई थी. 

"सुरेश ढाका के पिता को आवंटित माइंस की जांच हो"

मंत्री ने लिखा कि उन्होंने पहले भी जांच एजेंसियों को इस मामले में तथ्य और साक्ष्य उपलब्ध कराए थे. शुक्रवार (10 जुलाई) की मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि फरार चल रहे सुरेश ढाका के पिता को करीब 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन लीज आवंटित की गई. किरोड़ी लाल मीणा ने मांग की है कि सुरेश ढांका, उसके परिवार, सहयोगियों और आर्थिक नेटवर्क की जांच एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. साथ ही, उसके पिता को मिली खनन लीज की प्रक्रिया और निवेश के स्रोत, स्पर्धा चौधरी की भूमिका, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच हो. 

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उन्होंने कहा कि साल 2022 में उदयपुर में छापेमारी के दौरान उन्होंने तत्कालीन सरकार को सुरेश ढांका के जयपुर में होने की सूचना दी थी, लेकिन कथित रूप से एसओजी की मिलीभगत से वह 28 दिसंबर 2022 को फरार हो गया. डॉ. किरोड़ी ने कहा कि 2013 से अब तक कई भर्ती परीक्षाओं में ढााका की भूमिका रही है. 9 जनवरी 2023 को दिए गए साक्ष्यों के आधार पर ढाका की कोचिंग पर कार्रवाई हुई और बाद में ईडी ने उसकी संपत्तियां भी कुर्क कीं. 

TCS कंपनी के अधिकारियों पर भी लगाए आरोप

उन्होंने आरोप लगाए, "6 अप्रैल 2023 को एसओजी को बताया था कि स्पर्धा चौधरी ढाका की फरारी में मदद कर रही है और उसकी आर्थिक गतिविधियां संभाल रही है. फिर भी तब प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में ढांका का नेटवर्क सक्रिय था और टीसीएस कंपनी से जुड़े कुछ अधिकारियों के साथ कथित गठजोड़ कर अनियमितताएं की गईं."

दरअसल, स्पर्धा चौधरी 2018 में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के टिकट पर फुलेरा विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं. विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण स्पर्धा चौधरी ने कांग्रेस और सचिन पायलट के ऊपर मिलीभगत और टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाया था. वे प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष थीं. पार्टी ने अनुशासनहीनता के कारण उन्हें कांग्रेस से निष्कासित किया था. 

स्पर्धा चौधरी ने साल 2023 में आरएलपी छोड़ी

इसके बाद वे आरएलपी में शामिल हुई और महिला मोर्चा अध्यक्ष बनी. हालांकि 2023 में वे पेपर लीक के आरोपों से घिरी. इसके बाद विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने पार्टी छोड़ दी और लिखा कि कारण आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल बताएंगे. स्पर्धा चौधरी और ढाका के पिता से गहन पूछताछ की मांग करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पूछताछ होने पर सुरेश ढाका की गिरफ्तारी संभव है, जिससे इस पूरे नेटवर्क और कथित रूप से जुड़े बड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.

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