राजस्थान में ट्रांसफर की डेडलाइन के बीच नया ट्विस्ट! OBC आयोग के एक पत्र से शिक्षा समेत कई विभागों में असमंजस

राजस्थान में तबादलों की छूट खत्म होने से ठीक पहले ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र लिखकर नया संशय खड़ा कर दिया है. आयोग ने कहा है कि 10 से 23 जुलाई तक होने वाले महत्वपूर्ण सर्वे के कारण इसमें लगे नोडल अधिकारियों और प्रगणकों को फिलहाल रिलीव न किया जाए.

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OBC आयोग के एक पत्र से शिक्षा समेत कई विभागों में असमंजस

राजस्थान में तबादलों में छूट की अंतिम तारीख से ठीक पहले राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए गठित ओबीसी आयोग के एक पत्र ने तबादला प्रक्रिया को लेकर नया संशय खड़ा कर दिया है. आयोग ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र लिखकर आयोग के कार्य में लगे नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों, प्रगणकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को फिलहाल दूसरी जगह रिलीव नहीं करने का आग्रह किया है. हालांकि अभी इस पर मुख्य सचिव दफ्तर की तरफ से कोई लिखित आदेश आगे जारी नहीं हुए हैं. ओबीसी आयोग के सचिव अशोक कुमार जैन द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि जिला कलेक्टरों ने आयोग के सर्वे कार्य के लिए नोडल, सहायक नोडल और अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर रखी है. ऐसे में यदि इन अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर उन्हें तत्काल कार्यमुक्त किया जाता है तो आयोग का सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने का काम प्रभावित हो सकता है.

23 जुलाई तक घर-घर होगा सर्वे

पत्र में बताया गया है कि आयोग की ओर से 7 जुलाई को प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है, जबकि 9 और 10 जुलाई को रेफरेंस ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके बाद 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी परिवारों का घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा. यह सर्वे पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में वर्गवार आरक्षण के संबंध में आयोग की सिफारिशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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आयोग ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लेख करते हुए कहा है कि सर्वे कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले या उन्हें तत्काल रिलीव किए जाने से आयोग की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. इसी आधार पर मुख्य सचिव से सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि आयोग के कार्य से जुड़े कर्मचारियों को फिलहाल कुछ समय के लिए रिलीव न किया जाए.

कई विभागों पर पड़ सकता है असर

इस पत्र के बाद बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या तबादला होने के बावजूद आयोग के कार्य में लगे कर्मचारियों को 23 जुलाई तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा? यदि ऐसा निर्णय लिया जाता है तो इसका असर शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों पर भी पड़ सकता है, जहां शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को रिलीव करने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा. 

इन सबके बीच सवाल यह भी है कि क्या ट्रांसफर लिस्ट जारी होगी? अगर ट्रांसफर लिस्ट आती भी है तो क्या अंडर  ट्रांसफर कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया जायेगा? और अगर रिलीव नहीं किया गया तो क्या उनकी जगह लगाए गए कर्मचारी भी वेटिंग में ही रहेंगे? हालांकि, अभी तकबइस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है.

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