OBC reservation intensifies in Rajasthan: राजस्थान सहित देशभर में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासत गरमाने लगी है.ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य और एआईसीसी ओबीसी के निवर्तमान नेशनल को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र सेनने सभी राज्य सरकारों से ओबीसी वर्ग को न्यूनतम 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्यों में भी ओबीसी को समान आरक्षण मिलना चाहिए.
50 प्रतिशत की सीमा का तर्क अब खत्म
राजेंद्र सेन ने आरक्षण के पुराने कानूनी तर्कों को चुनौती देते हुए कहा कि लंबे समय तक यह तर्क दिया जाता रहा कि कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती. लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के बाद कुल आरक्षण 59 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. ऐसी स्थिति में 50 प्रतिशत की सीमा का तर्क अब अप्रासंगिक हो गया है.
राज्यों में समान अधिकार की मांग
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, तो राज्यों में इससे कम आरक्षण देना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है. इसके लिए उन्होंने सभी राज्य सरकारों से केंद्र के समान 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की, जिससे सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर मिल सकें.
मांग नहीं मानेगी सरकार तो करेंगे आंदोलन
राजेंद्र सेन ने आगे कहा कि ओबीसी वर्ग देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. उसे उसका संवैधानिक तथा सामाजिक अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने सरकारों से अपील की कि सामाजिक न्याय की दिशा में इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने और ठोस कदम उठाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो ओबीसी समाज व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा.
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