Rajasthan: पंचायत चुनाव की तारीखों से पहले गांवों में बढ़ी सियासी सरगर्मी, सरपंच पद के लिए 1 करोड़ का किया ऐलान

Rajasthan Sarpanch Election 1 Crore Offer: राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले हनुमानगढ़ के गोरखाना गांव में एक ऑफर ने सनसनी मचा दी है. सरपंच पद के दावेदार सोहन नेहरा ने बस एक शर्त पर 1 करोड़ रुपये दान देने का ऐलान कर दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
रपंच पद के दावेदार सोहन नेहरा ने बड़ा ऐलान किया है.
NDTV Rajasthan

Rajasthan News: राजस्थान में पंचायत चुनावों की रणभेरी बजने से पहले ही गांवों की चौपालों पर चुनावी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. अभी तारीखों का औपचारिक ऐलान भी नहीं हुआ है, लेकिन दावेदारों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है. इसी चुनावी शोर के बीच रविवार को हनुमानगढ़ जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है. यहां एक दावेदार ने सरपंच की कुर्सी के बदले विकास का ऐसा 'बंपर ऑफर' दिया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है.

निर्विरोध सरपंच बने तो दान देंगे 1 करोड़ रुपये

हनुमानगढ़ की नोहर तहसील का गोरखाना गांव इस समय प्रदेश की सियासत का केंद्र बना हुआ है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से जुड़े सोहन नेहरा ने सरपंच पद के लिए एक अनोखा और भारी-भरकम ऐलान किया है. नेहरा का कहना है कि अगर गांव के लोग उन्हें सर्वसम्मति से यानी निर्विरोध सरपंच चुनते हैं, तो वे अपनी जेब से गांव की गोशाला के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये दान करेंगे. यह घोषणा सिर्फ हवा-हवाई नहीं है, बल्कि बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने तो बाकायदा इस वादे की 'गारंटी' तक मांग ली है.

चुनाव के फिजूल खर्च से अच्छा, गांव का कायाकल्प

अक्सर देखा जाता है कि पंचायत चुनावों में उम्मीदवार शराब, दावतों और प्रचार में पानी की तरह पैसा बहाते हैं. सोहन नेहरा का तर्क है कि चुनाव लड़ने और गुटबाजी में लाखों-करोड़ों बर्बाद करने से बेहतर है कि वह पैसा सीधे गांव के नेक काम में लगे. उनका कहना है कि उनका मकसद राजनीति से पैसा कमाना नहीं, बल्कि सेवा करना है. अगर गांव एकमत होकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपता है, तो गोशाला की सूरत बदलना उनकी पहली प्राथमिकता होगी.

Advertisement

तारीखों से पहले ही 'चुनावी खेल' हुआ शुरू

भले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी कैलेंडर जारी नहीं किया है, लेकिन गोरखाना जैसे गांवों ने माहौल बना दिया है. राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में निर्विरोध निर्वाचन की परंपरा को बढ़ावा देने के लिए अक्सर ऐसे प्रस्ताव आते हैं, लेकिन 1 करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि ने इस बार मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. अब देखना यह होगा कि क्या गांव के लोग इस 'करोड़पति ऑफर' पर अपनी मुहर लगाते हैं या फिर चुनावी मैदान में लोकतंत्र का पारंपरिक मुकाबला देखने को मिलता है.

ये भी पढ़ें:- अलवर में कब्रिस्‍तान के पास बने मंद‍िर का श‍िवल‍िंग तोड़ा, तनाव की सूचना पर पहुंची पुल‍िस