Rajasthan Police Mayra: सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में 'मामा' बनकर पहुंचे पुलिसवाले, भरा 1.61 लाख रुपये का मायरा

जब आर्थिक तंगहाली में फंसी सफाईकर्मी अपनी बेटी की शादी को लेकर परेशान थीं, तब थाने के पुलिसकर्मी 'मामा' बनकर सामने आए और 1.61 लाख रुपये का मायरा भरकर मिसाल पेश की. पढ़ें पूरी खबर.

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नारायणपुर: सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में पुलिसकर्मियों ने भरा 1.61 लाख का मायरा
NDTV Reporter

Rajasthan News: अक्सर अनुशासन और सख्ती के लिए पहचानी जाने वाली खाकी के पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय हृदय भी धड़कता है. इसकी एक जीवंत मिसाल कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर पुलिस थाने में देखने को मिली है. यहां के पुलिसकर्मियों ने न केवल कानून की रक्षा की, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए अपने ही थाने के सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में मायरा (भात) भरकर इंसानियत का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है.

जब 'खाकी' ने निभाया परिवार का फर्ज

नारायणपुर थाने में सफाई कर्मचारी कैलाश लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जब उनकी बेटी की शादी तय हुई, तो परिवार के सामने आर्थिक तंगहाली एक बड़ी चुनौती थी. जैसे ही यह बात थाना स्टाफ के संज्ञान में आई, बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार के नेतृत्व में पूरे स्टाफ ने एकजुट होकर कैलाश की मदद करने का निर्णय लिया. पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की ताकि अपने सहकर्मी की बेटी की विदाई को यादगार बनाया जा सके.

थानेदार से लेकर सिपाही तक बने 'मायरेती'

शादी समारोह के दौरान जब खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी हाथों में मायरे की थाल और उपहार लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया. पुलिसकर्मियों ने रस्मों को निभाते हुए 1 लाख 61 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की. इसके साथ ही घरेलू उपयोग के विभिन्न सामान और कपड़े उपहार स्वरूप दिए. नवदंपती को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हुए पुलिसकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि वे समाज के रक्षक ही नहीं, बल्कि सुख-दुख के साथी भी हैं.

छलक आए कैलाश के आंसू

अपनी बेटी की शादी में पुलिस के इस अप्रत्याशित सहयोग को देखकर कैलाश और उनका परिवार भावुक हो गया. कैलाश ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि थाने का स्टाफ इस तरह उनके परिवार की जिम्मेदारी को अपना मानकर साझा करेगा.

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अधिकारी बोले- कैलाश हमारा परिवार है

इस पहल के बारे में बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि कैलाश उनके थाने का महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है. एक सहकर्मी के नाते उसकी खुशियों में शामिल होना उनकी पारिवारिक जिम्मेदारी थी. वे चाहते थे कि बेटी की विदाई पूरे सम्मान के साथ हो.

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