अशोक गहलोत, सचिन पायलट, हनुमान बेनीवाल... धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर किसने क्या कहा?

छात्रों के तमाम विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसे लोकतंत्र और युवा शक्ति की जीत बताया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर किसने क्या कहा?

पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने लोकतंत्र की जीत करार दिया है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के संघर्ष की आज जीत हुई है तथा भारी दबाव के आगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को झुकना पड़ा है.

लोकतंत्र की जात- गहलोत

NEET पेपर लीक मामले को लेकर विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए 'व्यक्तिगत प्रतिष्ठा' का मामला नहीं है. इसके बाद अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘‘जवाबदेही से भागने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग के साथ प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ राहुल गांधी व लाखों विद्यार्थियों के संघर्ष की आज जीत हुई है.''

Advertisement

गहलोत ने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी ने आज ही फिर दोहराया था कि प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा,‘‘यह इस लोकतंत्र की ताकत है कि सरकार को देश की मांग के आगे झुकना पड़ा.'' पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार यह इतिहास में दर्ज हो गया कि कैसे विद्यार्थियों पर 'पैलेट गन' चलाने जैसी बर्बरता हुई और विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कैसे घसीटा गया.

सचिन पायलट क्या बोले?

वहीं, कांग्रेस महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना यानी छात्रों और नौजवानों की आवाज़ सुनी गई है. यह जवाबदेही पहले ही तय हो जानी चाहिए थी. जिन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके इस नुकसान की भरपाई कभी भी नहीं की जा सकती. यह युवाशक्ति की जीत है.

मेहनतकश युवाओं की बड़ी जीत है- बेनीवाल

आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कहा कि यह मेहनतकश युवाओं की बड़ी जीत है. हमने शुरू से ही शिक्षा मंत्री को बर्खास्त की पुरजोर मांग की थी. प्रधानमंत्री जी, आप वीडियो अपडेट के माध्यम से युवाओं के हितों की बात कर रहे थे, आपको संदेश ही देना था तो शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त करते. आखिरकार देश की युवा एकता ने सरकार को एक बार फिर झुकने पर मजबूर कर दिया है.

Advertisement

यह भी पढे़ं- 'यह छात्रों की जीत है, प्रधानमंत्री तुरंत स्वीकार करें', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले टीकाराम जूली